मेरठ-------------अरिहंत प्रकाशन के संचालक के आवास पर रेट के दौरान पहुंचे भाजपाई
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मेरठ। पब्लिशिंग इंडस्ट्री में किताबें बुक शॉप पर जाने के बाद एक से दो साल बाद पेमेंट आती है, लेकिन प्रतियोगी परीक्षा की किताबों की पेमेंट हर हाल में 90 दिन में देनी होती है। कई बार डिलीवरी के तुरंत बाद पेमेंट हो जाती है। इसके चलते पैसे का क्रम नहीं रुकता। देशभर के अधिकतर हिस्सों में किताबों की सप्लाई होती है।
आयकर सूत्रों के अनुसार अरिहंत प्रकाशन की ओर से कैश पेमेंट पर भी कारोबार किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि इतने वर्षों में कितना काला धन अर्जित किया गया। उसे कहां लगाया गया और किताबों की कितनी बिक्री बिना टैक्स या कच्चे बिल पर की गई है।
इन हाउस ही होते हैं लेखन से लेकर अन्य काम
- अरिहंत प्रकाशन में किताब के लेखन से लेकर बिक्री तक के काम इन हाउस ही होते हैं। किताब प्रकाशित होने के बाद आधुनिक मशीनों का प्रयोग कर यहीं पर बाइंडिंग की जाती है। इसके बाद बिक्री होती है।