किठौर में दुकान पर कब्जे को लेकर बुधवार को चेयरपर्सन और पूर्व चेयरमैन के समर्थकों के बीच हुए खूनी संघर्ष की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई है। एसएसपी ने नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नाराजगी जताते हुए सीओ और एसओ किठौर को जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। वहीं, तनाव को देखते हुए बृहस्पतिवार को कस्बे में दस थानों की पुलिस, एक्शन मोबाइल और पीएसी का पहरा रहा।
इस मामले में बृहस्पतिवार को वसीम, नफीस तथा फारूख की ओर से दी गई तहरीर पर फरमान, सलमान, कमाल, जमाल, खालिद, साजिद, माजिद, जीशान, शुएब, गुफरान, वसीम, अब्दुल कलाम, खिजर, वसीम, छोटन, इजहार और आसिफ के खिलाफ बलवा और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा कायम कराया है। वहीं, सीओ किठौर ने बस में तोड़फोड़ तथा हापुड़ स्टैंड पर महिला के साथ अभद्रता तथा मारपीट करने के मामले में मुकदमा कायम करने के निर्देश दिए हैं। सीओ ने वायरल वीडियो से सुबूत जमा किए।
पुलिस नहीं मानेगी समझौता
सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण में मुजफ्फरनगर के एक बसपा नेता दोनों पक्षों में समझौते कराने के प्रयास में हैं। खास बात यह है कि उक्त नेता दोनों पक्षों के ही रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। पुलिसकर्मी भी इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। जिस पर सीओ किठौर हरीमोहन ने कहा कि भले ही आपस में समझौता कर लें, पुलिस को इससे कोई लेनादेना नहीं है। लेकिन सरेआम बाजार में गाली चलाने, बस और दुकान पर तोड़फोड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
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