मेरठ। प्रदीप और निकिता की प्रेम कहानी तीन साल पहले शुरू हुई। दोनों ने शादी करने का फैसला लिया, लेकिन परिवार के लोग राजी नहीं थे। 14 माह पहले दोनों से घर से भागकर कोर्ट मैरिज कर ली। हस्तिनापुर थाने आकर उन्होंने पुलिस को शादी का प्रमाणपत्र भी दिखाया। इसके बावजूद पुलिस ने दोनों परिवारों को थाने बुलाकर समझौता करा दिया। युवक और युवती को उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया। लेकिन परिवारों के बीच रंजिश पनप गई। प्रदीप अपनी पत्नी को घर लाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाता रहा, लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। नतीजा प्रदीप की हत्या कर दी गई।
प्रदीप कुमार की हत्या में हस्तिनापुर पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। कोर्ट मैरिज के बाद प्रदीप व निकिता के भाइयों में कई बार विवाद भी हुआ। लेकिन पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। दोनों परिवारों में तनातनी चल रही थी। धीरे-धीरे विवाद बढ़ता गया और निकिता के परिजनों ने प्रदीप को मारने की साजिश रच ली। बुधवार दोपहर बाजार में प्रदीप को देखा तो निकिता के भाई लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। उन्होंने बीच बाजार उसे पीट-पीटकर मार डाला। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में पुलिस के प्रति आक्रोश है। आरोप है कि अगर पुलिस 14 महीने पहले प्रदीप और निकिता को अलग नहीं करती तो शायद हत्या न होती।
भाई को बचाने के लिए पुलिस से भिड़ी निकिता
बताया जाता है कि वारदात के दौरान निकिता और उसकी मां बबीता भी घटनास्थल पर पहुंच गई थीं। बबीता को भी मामूली चोट आई। पुलिस ने सभी घायलों को मवाना सीएचसी भेजा। वहीं पर प्रदीप का शव भी था। पुलिस ने निकिता के नाबालिग भाई को पकड़ा तो वह पुलिस से भिड़ गई। सीएचसी पर भी दोनों परिवार आमने-सामने आ गए। पुलिस ने युवती को भी दोनों नाबालिग भाई और मां के साथ गिरफ्तार कर लिया।
फॉरेंसिक टीम ने की जांच
वारदात की जानकारी पर एसपी देहात अनिरुद्ध कुमार हस्तिनापुर पहुंचे। उन्होंने फॉरेंसिक टीम बुलाकर जांच कराई। टीम ने कई जगह से नमूने एकत्र किए। दिनदहाड़े युवक की हत्या के बाद क्षेत्र में सन्नाटा पसरा रहा। प्रदीप के मोहल्ले में दिनभर मातम छाया रहा।