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बचाए जा सकते हैं ब्लड कैंसर के मरीज

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बचाए जा सकते हैं ब्लड कैंसर के 80 से 90 प्रतिशत मरीज
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मेरठ। ‘शुरुआती स्टेज पर ब्लड कैंसर का पता लगने से मरीजों को बचाया जा सकता है। इनमें एक से नौ साल तक के बच्चों को 80 से 90 प्रतिशत, 40 से 50 साल की उम्र वालों को 30 से 40 प्रतिशत, 50 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को 20 से 30 प्रतिशत तक बचने की संभावना है। बढ़ता प्रदूषण ब्लड कैंसर का मुख्य कारण है।’ यह कहना कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार शर्मा का। केएमसी चिकित्सा संस्थान में रविवार को हुई कार्यशाला में उन्होंने बताया कि खांसने और छींकने से दूसरों के शरीर में जाने वाले वायरस से भी संक्रमण हो सकता है, जो कैंसर का कारण हो सकता है।
उन्होंने बताया कि जांच कराकर ब्लड कैंसर का पता लगाया जा सकता है। अब कैंसर का इलाज प्रभावी है, ऐसी दवाइयां हैं जिन्हें प्रतिदिन खाकर कैंसर खत्म किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि ब्लड कैंसर के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि जब तक उन्हें इस बारे में पता चलता है तो काफी देर हो जाती है। भारत में लगभग 4.1 प्रतिशत लोग कैंसर रोगी हैं, जिसमें से काफी लोगों को ब्लड कैंसर है। ये आंकड़े रक्त कैंसर की भयावह स्थिति को बयां करने के लिए काफी हैं।
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डॉ. संजीव ने बताया कि कैंसर से तात्पर्य ऐसी स्थिति से होता है, जब मानव शरीर के किसी अंग जैसे ब्रेस्ट, फेफड़े, प्रोस्टेट इत्यादि में कोशिकाओं का विकास असामान्य तरीके से हो जाता है। इसी आधार पर कैंसर का नाम रखा जाता है उदाहरण के लिए ब्रेस्ट कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, प्रोस्टेट का कैंसर इत्यादि हैं। केएमसी कैंसर संस्थान के चेयरमैन डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि ब्लड कैंसर की आधुनिकतम कीमोथेरेपी के लिए केएमसी में कीमोपोर्ट डालने की सुविधा है। केएमसी कैंसर संस्थान में डॉ. संजीव सहित पैनल के डॉक्टर हर शनिवार सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक मरीज देखेंगे। इस दौरान लैप्रोस्कोपिक एवं रोबोटिक कैंसर सर्जन डॉ. प्रतीक वार्ष्णेय, डॉ. सतपथी, डॉॅ. प्रतिभा और डॉ. अमिताभ गौतम उपस्थित रहे।
क्या होता है ब्लड कैंसर
हमारे रक्त का निर्माण 3 तरह के सेल से होता है, जिन्हें लाल रक्त सेल, प्लेटलेट्स और सफेद रक्त सेल के नामों से जाना जाता है। आमतौर पर ये सेल स्टेम से आते हैं, जिसका काम किसी भी तरह के लाल सेल को बनाना और उसे विकसित करना है। जब स्टेम सेल इस काम को नहीं कर पाता है, तो उसे ब्लड कैंसर कहा जाता है।
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तीन तरह केहोते हैं ब्लड कैंसर
ब्लड कैंसर मुख्य रूप से तीन तरह केहोते हैं। ल्यूकेमिया, लिमफोमा, मायलोमा। समय से दवाई लेना, रेडिएशन थेरेपी कराना, कीमोथेरेपी कराना, मॉनिटरिंग करना, कैंसर सर्जरी कराने आदि इलाजों से वे बेहतर जिंदगी जी सकते हैं।
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