शामली। बारिश के मौसम में डेंगू का खतरा बढ़ गया है। जिले में अब तक डेंगू के दो केस मिल चुके हैं, लेकिन जिले में ब्लड बैंंक और सेपरेशन यूनिट न होने से मरीजों के समुचित इलाज की व्यवस्था नहीं है। डेंगू के गंभीर मरीजों को दूसरे शहरों में जाकर महंगा इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है।
डेंगू बुखार में मरीज की प्लेटलेटस तेजी से कम होती है। मरीज की जिंदगी बचाने के लिए प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ती है। इसके लिए ब्लड बैंक और ब्लड सेपरेशन मशीन की जरूरत होती है, लेकिन शामली को जिला बने हुए लगभग 13 साल हो गए। जिला अस्पताल भी तीन साल से चल रहा है, लेकिन अभी तक ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध नहीं हुई है। ब्लड बैंक न होेने से ब्लड सेपरेशन मशीन भी नहीं लग पाई है।
जिला अस्पताल में सामान्य डेंगू के मरीजों के उपचार की सुविधा तो है, लेकिन गंभीर मरीजों के उपचार की व्यवस्था नहीं है। पिछले कई सालों में ऐसे मरीजों को रेफर करना पड रहा है। इसके अलावा डेंगू के मरीजों को प्राइवेट में महंगा उपचार कराना पड़ता है।
जिला अस्पताल में ब्लड बैंक प्रस्तावित है। इसे चालू करने की प्रक्रिया चल रही है। शासन से ब्लड बैंक से आए उपकरण व मशीन इंस्टॉल किए जा चुके हैं। शासन स्तर से ब्लड बैंक के लिए स्टाफ की नियुक्ति की जानी है। इसके बाद लाइसेंस के लिए आवेदन किया जाएगा।
- डॉ. किशोर कुमार आहूजा, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक