मेरठ। जिला पंचायत की तरह ब्लॉक प्रमुख आरक्षण ने भी कई दावेदारों को तगड़ा झटका दिया है। लेकिन अहम बात यह है कि यदि जातीय समीकरण को देखें तो कई ब्लॉकों में राहत भी मिली है। लेकिन इसमें कई धुरंधर चारो खाने चित हो गए हैं।
रोहटा
यहां लंबे समय से बिजेंद्र जिंजोखर की पंचायत में राजनीति चली आ रही है। ब्लॉक प्रमुख पद पर भी इस परिवार का कब्जा एकतरफा रहा है। साल 2010 में बिजेंद्र प्रमुख खुद ब्लॉक प्रमुख बने तो साल 2015 में महिला पद आरक्षित होने पर अपने परिवार की महिला को प्रमुख निर्वाचित कराया। लेकिन इस बार यहां प्रमुख का पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
दौराला
इसी तरह दौराला ब्लॉक में भी रालोद नेता राहुल देव का परिवार हावी रहा है। पिछली बार राहुल के भाई सचिन अहलावत ने भाजपा नेता और प्रदेश श्रम कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुनील भराला के भाई अजय भराला को झटका दिया था। लेकिन इस बार इस ब्लॉक में भी प्रमुख पद अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है।
रजपुरा
यहां सामान्य जाति की जनसंख्या ज्यादा है। लेकिन यहां का पद पिछड़े वर्ग की महिला के लिए आरक्षित होने से मुख्य दावेदारों को हताशा मिली है।
खरखौदा
यहां पिछली बार महिला के लिए पद आरक्षित था। लेकिन इस बार अनारक्षित होने से यहां पर गुर्जर और त्यागी बिरादरी के बीच रोचक मुकाबला नजर आ सकता है।
परीक्षितगढ़ व माछरा
इन दोनों ब्लॉक में भी पद अनारक्षित होने से कई दावेदार बढ़ गए हैं।
मवाना व हस्तिनापुर
यहां ब्लॉक प्रमुख पद पिछली बार अनारक्षित था, लेकिन मुकाबला जाट बिरादरी के ही दो दिग्गजों के बीच था, इस बार भी यहां ऐसा ही नजर आएगा। लेकिन हस्तिनापुर में झटका लगा है। पिछली बार हस्तिनापुर अनुसूचित जाति की महिला के लिए आरक्षित था, जिसमें सपा नेता मुकेश सिद्धार्थ की पत्नी ब्लॉक प्रमुख निर्वाचित हुई थी। लेकिन इस बार पद अनारक्षित होने से यहां गुर्जर बिरादरी से ही ब्लॉक प्रमुख चुना जाना लगभग तय है।
ब्लॉक प्रमुख आरक्षण
ब्लाक वर्तमान आरक्षण 2015 का आरक्षण
मेरठ पिछड़ा वर्ग अनारक्षित
जानी खुर्द अनारक्षित अनारक्षित
रजपुरा पिछड़े वर्ग की महिला अनुसूचित जाति
खरखौदा अनारक्षित महिला
रोहटा अनुसूचित जाति महिला
सरधना महिला पिछड़ा वर्ग
सरूरपुर खुर्द महिला पिछड़ा वर्ग
दौराला अनुसूचित जाति महिला अनारक्षित
मवाना पिछड़ा वर्ग अनारक्षित
माछरा अनारक्षित पिछड़ा वर्ग महिला
परीक्षितगढ़ अनारक्षित अनारक्षित
हस्तिनापुर अनारक्षित अनुसूचित जाति महिला
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जिला पंचायत : आरक्षण ने बढ़ाई भाजपा में रार
पुराना वार्ड छोड़कर नए में दावेदारी करने पहुंच रहे कई पुराने सदस्य
मेरठ। जिला पंचायत वार्ड आरक्षण ने भाजपा में रार पैदा कर दी है। कई दिग्गजों से उनका मूल ठिकाना छिन गया है। ऐसे में अब वह नए ठिकाने की तरफ निकलने की तैयारी में जुट गए हैं। ऐसे में एक ही वार्ड में दावेदारी बढ़ने से रार होना तय है। अब टिकट वितरण में भाजपा नेतृत्व जहां परेशानी झेलेगा तो बगावत और रार का डर भी हावी रहेगा।
हस्तिनापुर विधायक दिनेश खटीक के भाई नितिन खटीक वार्ड 03 से सदस्य निर्वाचित हुए थे। लेकिन इस बार उनका वार्ड पिछड़ा वर्ग में चला गया है। ऐसे में नितिन खटीक के लिए वार्ड एक और वार्ड चार ही बचा है, जहां से वह चुनाव लड़ सकते हैं। इसे लेकर निश्चित रूप से जंग छिड़ेगी। भाजपा के रोहताश पहलवान का पुराना वार्ड अनुसूचित जाति में चला गया है, जबकि वह पिछड़ा वर्ग से हैं। अब उनके समर्थक वार्ड 26 से चुनाव लड़ने का दबाव बना रहे हैं। वार्ड 26 पिछड़ा वर्ग महिला के लिए आरक्षित है। इसी तरह डॉ. मीनाक्षी भराला का वार्ड सामान्य हो चुका है। सामान्य होने के बाद वह चुनाव लड़ सकती हैं, लेकिन विरोधियों की रणनीति को समझते हुए वह इस वार्ड से चुनाव न लड़ने का मन बनाते हुए अब वार्ड 12 में जाने की तैयारी कर रही हैं। वार्ड 12 से और भी कई दावेदार सामने हैं, जिसके चलते प्रत्याशी चयन में काफी मशक्कत पार्टी नेतृत्व को करनी होगी।