फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसानों का ऐलान : यूजीसी के नए नियम वापस होने तक भाजपा को नहीं देंगे वोट

विज्ञापन
सरधना। गांव सलावा में यूजीसी कानून के विरोध में तहसीलदार को ज्ञापन देते भाकियू क्रांतिकारी संगठ
विज्ञापन
भारतीय किसान यूनियन (क्रांतिकारी गुट) ने यूजीसी के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा के नेतृत्व में आंदोलन की रणनीति तय की गई। राणा ने उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई कि जब तक यूजीसी के नए नियमों को वापस नहीं लिया जाता तब तक वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा को वोट नहीं देंगे। इस विरोध प्रदर्शन को लेकर स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सोमवार सुबह राजीव राणा से वार्ता की। इसके बाद चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं के साथ चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से जुलूस निकालकर कमिश्नरी चौराहा पहुंचकर ज्ञापन देने की योजना थी।
विज्ञापन




गांव सलावा में भी निकाला गया पैदल मार्च

इसके अतिरिक्त गांव सलावा में राजपूत समाज के लोगों और संगठन के कार्यकर्ताओं ने एकत्र होकर बस अड्डे तक पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी नियमों को काला कानून बताते हुए इसके विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने तहसीलदार ज्योति सिंह को ज्ञापन सौंपकर कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने नए नियम वापस नहीं लिए तो भविष्य में एक महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।



यूजीसी विधेयक के विरोध में किसान मजदूर संगठन का ज्ञापन
सरधना। यूजीसी के नए नियमों के विरोध में किसान मजदूर संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और संघ प्रमुख के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। संगठन ने इन नियमों को जाति आधारित और घातक बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है।
विज्ञापन


संगठन के जिला अध्यक्ष ठाकुर देवराज सिंह पुंडीर ने तहसीलदार ज्योति सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू किया गया यूजीसी के नए नियम देश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रभावी है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह नियम विद्यार्थियों को जाति के आधार पर विभाजित करेंगे जो शिक्षा संस्थानों की मूल भावना के विपरीत हैं। संगठन ने इसे घातक करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की।

सरधना। गांव सलावा में यूजीसी कानून के विरोध में तहसीलदार को ज्ञापन देते भाकियू क्रांतिकारी संगठ

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें