संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। यूजीसी के प्रस्तावित नियमों और आरक्षण रिफॉर्म के विरोध में शनिवार को भाकियू क्रांतिकारी के बैनर तले सलावा में जल सत्याग्रह किया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा और राष्ट्रीय सचिव भूमेश कुमार सोम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और युवा गांव सलावा में एकत्र हुए। गांव में विरोध रैली निकाली गई। इसके बाद कार्यकर्ता मेजर ध्यानचंद राज्य खेल विश्वविद्यालय के पास गंगनहर पहुंचे और पानी में उतरकर विरोध दर्ज कराया।
जल सत्याग्रह में शामिल कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी के प्रस्तावित नियमों का विरोध किया और इन्हें वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में समान अवसर और आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग भी उठाई। वक्ताओं ने यूजीसी के प्रस्तावित नियमों को छात्र और युवा विरोधी बताते हुए कहा कि ऐसे नियम लागू होने से बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव राणा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े ऐसे नियम नहीं होने चाहिए, जिनसे विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा हो। उन्होंने कहा कि देश में सभी वर्गों के लिए समान और न्यायपूर्ण शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए। राष्ट्रीय सचिव भूमेश कुमार सोम ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार को यूजीसी के प्रस्तावित नियमों पर पुनर्विचार करना चाहिए। जल सत्याग्रह कार्यक्रम में विभिन्न संगठनों ने भी सहयोग किया। एसडीएम उदित नारायण सेंगर व सीओ आशुतोष कुमार की मौजूदगी में ज्ञापन दिया। इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनोज सोम, राष्ट्रीय संगठन मंत्री जगपाल फौजी, अरुण सोम, सुनील प्रधान, वीरेंद्र राणा, दिग्विजय चौहान, यशपाल राणा, जीके सोम, आदेश, नीरज सोम, मोहित सोम, विजेंद्र सिंह और निश्चय सोम समेत मौजूद रहे।