संवाद न्यूज एजेंसी
रोहटा/जानीखुर्द। हरियाणा में गन्ना मूल्य बढ़ाए जाने के बाद भी उत्तर प्रदेश सरकार की चुप्पी से नाराज किसानों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। इसे लेकर भाकियू के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में गन्ना किसान गोष्ठी की शुरुआत की गई। गोष्ठी की पहली कड़ी गांव जटपुरा, डूंगर और लौहड्डा में आयोजित की गई।
गोष्ठी में जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने कहा कि दिवाली के दिन हरियाणा सरकार ने गन्ने का मूल्य 415 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार अभी तक चुप्पी साधे बैठी है। इससे प्रदेश के किसानों में काफी रोष है। उन्होंने कहा कि गन्ना किसान घाटे में जा रहा है और सरकार की उदासीनता त्योहार के दिन भी किसानों को मायूस कर रही है। उन्होंने बताया कि संगठन अब जिलेभर में गोष्ठियां आयोजित कर रहा है। किसानों को संगठित कर बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
बैठक में तय किया गया कि यदि जल्द गन्ना मूल्य में वृद्धि नहीं की गई तो रेल रोको और हाईवे जाम जैसे बड़े आंदोलनों की ओर बढ़ा जाएगा। अनुराग चौधरी ने कहा कि यह सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि किसान हितों की रक्षा के लिए संगठन की मजबूरी है। इस अवसर पर ग्राम अध्यक्षों की नियुक्ति भी की गई और किसानों की समस्याओं पर खुलकर चर्चा हुई। गन्ना मूल्य और लावारिस पशुओं की समस्या को प्रमुख मुद्दा मानते हुए सभी किसानों को एकजुट होकर संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया।
गोष्ठी में विनेश प्रधान, धीरज, रामपाल, मोनू टिकरी, देशपाल, अजय, बबलू, बंटू, बिट्टू, ओमपाल, नीरज, मनोज, सुनील, सत्ते, सचिन, सुखपाल, ब्रजवीर, विकास, रजत, हरबीर सहित किसान मौजूद रहे।
भाकियू के कार्यकर्ता गन्ना मूल्य को लेकर बैठक करते हुए फोटो स्वयं