सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो में भाजपा नेता से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। मुद्दा क्या था, किस उद्देश्य से भाजपा के एक पदाधिकारी ने महिला नेता से बहस की। ऐसे ही तमाम सवालों को लेकर मामले ने सुर्खियां पकड़ ली थी। बातचीत के बीच में संगठन के एक बड़े पदाधिकारी भी महिला को समझाने की बात करते सुनाए दिए। प्रकरण ने तूल पकड़ा तो भाजपाई चुप्पी साध गए।
मामले की शिकायत बड़े नेताओं तक पहुंच गई। उन्हीं के हस्तक्षेप के बाद ऑडियो में शामिल दोनों पक्ष सामने आए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनैतिक और व्यावसायिक द्वेष से साजिश रची गई। बिजनेस के विवाद को अनर्गल तरीके से सोशल मीडिया पर वायरल किया गया।
पूरे प्रकरण में भाजपा का कोई वरिष्ठ पदाधिकारी कुछ नहीं बोला। ऑडियो के भ्रामक प्रचार से आहत भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व क्षेत्रीय मंत्री ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। भाजपा नेता का कहना है कि लंबे समय तक पार्टी की सेवा की। उम्मीद थी कि भाजपा में महिलाओं को सम्मान मिलता है, परंतु वास्तविकता कुछ और निकली। ऐसी स्थिति में असहज महसूस कर रही हूं और अपना इस्तीफा देती हूं।
ऑडियो में भाजपा महिला मोर्चा की एक पूर्व पदाधिकारी से ऑडियो में आपत्तिजनक भाषा के साथ बहस हो रही है। महिला नेता कह रही है कि उसे किसी से नहीं मिलना है। वह बड़े पदाधिकारी के घर क्यों जाए। अभद्र शब्दों का प्रयोग कर रहे व्यक्ति को वह जुबान पर लगाम रखने की बात भी कहती है। ऑडियो के बीच में ही मोबाइल पर अचानक पार्टी का बड़ा पदाधिकारी महिला को समझाने और मामले को मिल बैठ कर हल करने की सलाह देता है। ऑडियो मामले की शिकायत एसएसपी सुधीर कुमार सिंह से की गई थी। खुद भाजपा महिला मोर्चा की कई पदाधिकारी कप्तान से मिली।
इसके बाद एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने उस एडमिन को तलब किया, जिसके ग्रुप पर यह डर्टी ऑडियो डाली गई थी। एडमिन ने पुलिस प्रशासन को अवगत कराया कि यह ऑडियो उसे किसी ने ग्रुप पर भेजी थी। उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष रुपेंद्र सैनी ने कहा था कि ऑडियो में भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व पदाधिकारी और एक व्यक्ति के बीच जो बातचीत है, वह उनका निजी प्रकरण है।
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