विपक्ष पर सोशल वार के लिए तैयार भाजपा का सोशल मीडिया विभाग
मेरठ। विधानसभा चुनाव 2022 में 300 प्लस सीटों के लक्ष्य के साथ उतरने जा रही सत्तारूढ़ भाजपा के सामने अपना वर्चस्व बनाए रखने की चुनौती है। देेश में सात महीने से चल रहे किसान आंदोलन की वजह से सरकार चिंतित है। इसके लिए अभी से कसरत शुरू कर दी गई है। युवा वर्ग पर फोकस और विपक्ष पर सोशल वार करने के लिए पहली बार सोशल मीडिया विभाग का गठन किया गया है। इसमें युवाओं को सरकार के कामकाज, योजनाएं सहित अन्य कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है। इससे आने वाले विधानसभा चुनावों से पहले माहौल तैयार किया जा सके। भाजपा अच्छी तरह जानती है कि हर हाथ में स्मार्टफोन होने से जनता के बीच पहुंचने में सोशल मीडिया एक हथियार के रूप में कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए पश्चिम के सभी जिलों में संयोजक और सह-संयोजक की नियुक्ति कर दी गई है।
हालांकि, पहले भी भाजपा आईटी सेल का गठन कर चुनावी मैदान में उतर चुकी है। पिछले सात वर्षों में आईटी सेल ने ही भाजपा के सभी कार्यों का सोशल मीडिया पर बखान किया, लेकिन बढ़ते डिजिटल प्लेटफॉर्म को देखते हुए कार्योँ को बांट दिया गया है। भाजपा का आईटी विभाग अब संगठन की होने वाली वर्चुअल बैठक सहित अन्य तकनीक में मदद करेगा। भाजपा अगले कुछ महीने में ऐसे कई एप लांच करेगी। जिससे सीधा जनता को जोड़ा जा सके। इसके लिए सोशल मीडिया विभाग और आईटी विभाग को अलग कर दिया गया है। इससे कार्य में रफ्तार मिलेगी। वहीं, संगठन से जुड़े पदाधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाएगी।
विकल्प शर्मा बने पहले क्षेत्रीय संयोजक
सोशल मीडिया विभाग के पहले क्षेत्रीय संयोजक पद पर मेरठ निवासी विकल्प शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। वहीं दो क्षेत्रीय सहसंयोजक में गाजियाबाद के प्रवीण पाठक और सहारनपुर के विकास अंबोली हैं। इसके अलावा आईटी विभाग में गाजियाबाद निवासी अंबर स्वामी को क्षेत्रीय संयोजक और मेरठ निवासी श्रेय शर्मा को क्षेत्रीय सह-संयोजक बनाया गया है।
मेरठ के जिला और महानगर के संयोजक भी नियुक्त
सोशल मीडिया विभाग के लिए जिला और महानगर में भी संयोजक और सहसंयोजक की नियुक्ति की गई है। इसमें महानगर में शोभित अग्रवाल को संयोजक और सह-संयोजक राज कौशिक, ऋषभ गर्ग को बनाया गया है। वहीं, जिले में संयोजक मनीश तोमर और सह-संयोजक सूरज सोनी और अमित बालियान को बनाया है। इसके अलावा गाजियाबाद, नोएडा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर आदि जिलों में भी महानगर और जिले के संयोजक बनाए गए हैं।