भटीपुरा में हुआ भाजपा की किसान चौपाल का विरोध
मेरठ/माछरा। किसान आंदोलन का असर मेरठ के जाट बहुल गांवों में नजर आने लगा है। किठौर विधानसभा क्षेत्र के गांव भटीपुरा में शुक्रवार को प्रस्तावित किसान चौपाल का आयोजन किसान संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण नहीं हो सका। किसान आंदोलन के समर्थन में जमकर नारेबाजी भी हुई। जिसके चलते भाजपा नेताओं को लौटना पड़ा।
माछरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव भटीपुरा जाट बाहुल्य गांव है। इसी गांव के रहने वाले किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह भी हैं। शुक्रवार को गांव भटीपुरा में चौपाल कार्यक्रम आयोजित करने के लिरए भाजपा के जिला महामंत्री भंवर सिंह तोमर, उत्तर प्रदेश के राज्य निर्माण सहकारी संघ के अध्यक्ष सूर्यप्रकाश पाल एवं उर्दू अकादमी के सदस्य वासित अली पहुंचे। उन्होंने चौपाल कार्यक्रम का आयोजन शुरू ही किया था कि तभी कृषि कानून के विरोध में किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष राहुल सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ता वहां आ पहुंचे और उन्होंने चौपाल कार्यक्रम का विरोध शुरू कर दिया। चौपाल कार्यक्रम नहीं होने दिया गया। जबकि गांव के ही कुछ लोग चौपाल कार्यक्रम आयोजित कराना चाहते थे। दोनों पक्षों में बहस भी हुई। परंतु आपसी विवाद न बढे़ भाजपा के पदाधिकारी बिना चौपाल लगाए लौट गए।
जिलाध्यक्ष राहुल सिंह ने बताया कि भाजपा द्वारा किसानों का शोषण करने के उद्देश्य से कृषि बिल लाए गए हैं। इन्हें जब तक रद्द नहीं किया जाएगा, किसान इसका विरोध करते रहेंगे। भाजपा का कोई भी कार्यक्रम गांव में नहीं होने दिया जाएगा।
संगठन की गुटबाजी आई सामने
किठौर क्षेत्र में भाजपा की किसान चौपाल थी और क्षेत्रीय विधायक को ही उससे दूर रखा गया। उनकी जानकारी और सहमति के बिना जिला संगठन ने यह कार्यक्रम भटीपुरा गांव में तय किया। सर्किट हाउस में किठौर विधायक सतवीर त्यागी ने इस पर नाराजगी भी जताई। जिससे साफ हो गया कि जिलाध्यक्ष का जनप्रतिनिधियों से सही सामंजस्य नहीं बैठ रहा। यही कारण रहा कि सूर्यप्रकाश पाल तो गांव पहुंचे, लेकिन किठौर विधायक गांव नहीं गए। शायद उन्हें मालूम था कि वहां विरोध होगा। अहम बात ये है कि भाजपा जिलाध्यक्ष जाट हैं और उन्होंने जाट बहुल गांव में कार्यक्रम तय किया। बावजूद इसके विरोध होना और कार्यक्रम न होना, जिलाध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है।