भाजपा सांसद ने आदर्श गांव योजना के तहत एक गांव को गोद लिया था। सवाल है कि तीन साल बाद भी यह गांव मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लिए तरस रहा है।
भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल गांव भगवानपुर चट्टावन गांव में समस्याओं की चट्टान नहीं गिरा पाए। आदर्श गांव योजना के तहत सांसद ने किठौर विधानसभा क्षेत्र के इस गांव को गोद लिया था। लेकिन तीन साल बाद भी यह गांव मूलभूत सुविधाओं और सरकारी योजनाओं के लिए तरस रहा है। अहम बात ये है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच से मुक्ति का अभियान भी इस गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। गांव में न पीने का साफ पानी है, न ही तालाबों की सफाई हुई है। उज्ज्वला योजना से भी गांव के लोग वंचित रहे।
ये थी आदर्श ग्राम योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनने के साथ ही प्रत्येक सांसद को हर साल एक-एक गांव गोद लेकर उसे आदर्श गांव बनाने का निर्देश दिया था। इसके लिए सांसद निधि के साथ ही सरकारी योजनाओं और सरकारी तंत्र के सहयोग से गांव को संतृप्त करते हुए आदर्श बनाने की बात कही गयी थी।
सरकारी योजनाओं से दूर
ग्रामीणों के अनुसार उज्ज्वला योजना का ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। नि:शुल्क गैस कनेक्शन के लिए बहुत आवेदन हुए। लेकिन किसी को कनेक्शन नहीं दिया गया। गांव में विद्युतीकरण तो हुआ। लेकिन बिजली मात्र 12-13 घंटे ही आ रही है। गांव में सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है, जिसका आज तक समाधान नहीं हुआ। नालियां छोटी हैं और टूट चुकी हैं तो आधे गांव में नालियां ही नहीं है। इसके अलावा जो गहरे नाले खोेदे गए थे, उनमें से एक नाला बंद हो चुका है और उसमें घास उग आयी है। जबकि दूसरा नाला मुख्य मार्ग के किनारे है, जिसके किनारे पर दीवार न होने से अक्सर दुघर्टनाएं होती रहती हैं।
ये है भौगोलिक स्थिति
मेरठ-गढ़मुक्तेश्वर मार्ग पर मेरठ से करीब 17 किमी दूर भगवानपुर चट्टावन गांव ठाकुर बहुल है। जिसकी जनसंख्या करीब 3500 है। गांव के लोग मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर हैं। लगभग प्रत्येक बिरादरी और वर्ग के लोग गांव में हैं। आज तक इस गांव में कभी कोई आपसी बड़े विवाद की घटना सामने नहीं आयी है। इस गांव में मुख्य मार्ग से जाने के दो रास्ते हैं।
तालाब होते जा रहे खत्म
भगवानपुर चट्टावन ऊंचाई पर बसा गांव है और इसके चारों तरफ कुल छह तालाब हैं। इनमें तीन तालाब जहां पूरी तरह सूखकर बंद हो चुके हैं और लोग कब्जा करते जा रहे हैं। बाकी तीन तालाबों की भी सफाई नहीं हुई है। जबकि आदर्श गांव योजना ही नहीं सरकारी योजना में भी तालाबों को पुनर्जीवित कर उनके सौंदर्यीकरण की योजना थी। इसके अलावा श्मशान घाट पर भी बहुत बड़ी जमीन है, लेकिन उसकी भी चारदीवारी न होने से कब्जा होने लगा है।
सड़क-हैंडपंप ही खराब
ग्राम प्रधान अनिल कुमार का कहना हा कि सांसद ने विकास कार्य कराने के साथ अन्य काम भी कराए हैं। लेकिन चार सौ मीटर की एक सड़क बेहद खराब है और हैंडपंप भी ठीक नहीं हुए। हैंडपंप रिबोर का अधिकारी अब ग्राम पंचायत के पास आया है। शौचालय निर्माण में धांधली के आरोप गलत हैं।
समस्याएं बहुत हैं
पूर्व प्रधान विजय सिंह ने बताया कि पानी की टंकी मेरे कार्यकाल में स्वीकृत हुई थी। जिसका अब निर्माण हो रहा है। शौचालय निर्माण में भारी धांधली हुई। गांव के बाहरी हिस्से मेें जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।