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मेरी बर्खास्तगी के पीछे भाजपा सांसद का हाथ : अपर आयुक्त

Thu, 26 Oct 2017 11:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
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प्रेस कांफ्रेंस करते रणधीर सिंह दुहन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली में शत्रु संपत्ति की 27 हेक्टेयर जमीन बिना अधिकार और असंवैधानिक तरीके से नीलाम करने के मामले में बर्खास्त हुए 1991 बैच के पीसीएस अधिकारी रणधीर सिंह दुहन ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बर्खास्तगी के पीछे कैराना से भाजपा सांसद हुकुम सिंह का हाथ बताया। 
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दुहन ने कहा कि उन पर लगाए गए तमाम आरोप बेबुनियाद हैं और वह इसके खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कहा कि वर्तमान प्रकरण में मुझे साजिश के तहत फंसाया गया है। इसमें सांसद हुकुम सिंह की भूमिका रही है। जब वे सहारनपुर में एमडीएम थे तो उन्होंने मेरे विरुद्ध विधानसभा में मामला उठाया था। जिस प्रकरण में उन्हें दंडित किया गया है इसमें उच्च न्यायालय ने भी उन्हें दोषी नहीं माना है। उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 12 मई 2015 के द्वारा गांव शब्बीरपुर में सहायक चकबंदी अधिकारी, बंदोबस्त अधिकारी व अन्य अधिकारियों को दोषी माना गया और शासन द्वारा उन चकबंदी अधिकारियों अशोक कुमार, तिलकराम, त्रिलोक सिंह राणा, दिनेश सेमवाल, सुदेश कुमार को दोषी मानकर दंडित किया। कहा कि जिस शत्रु संपत्ति को नीलाम करने का मुझ पर आरोप है इस 27 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं का कब्जा रहा है। इन भूमाफियाओं को सांसद हुकुम सिंह का संरक्षण प्राप्त है और ये सभी इनके चुनाव में बूथ एजेंट का काम करते हैं। अन्य भूमि कैराना देहात, कौंथलपुर, तीतरबाड़ा, होशंगपुर, मलकपुर में भी भूमाफियाओं का कब्जा सांसद के संरक्षण में है। सरकार जब भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है तो इन भूमाफियाओं पर क्यों हाथ नहीं डाला जा रहा है।

गांव बिड़ौली की जमीन की नीलामी नायब तहसीलदार श्रवण सिंह राठौर द्वारा की गई थी और स्वीकृति तत्कालीन डीएम अजय कुमार सिंह की थी। एडीएम की हैसियत से उन्होंने आख्या सहित रिपोर्ट जिलाधिकारी को प्रेषित कर दी थी। यह मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बाद कार्रवाई करना न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन है। दुहन ने कहा कि अगर वे भ्रष्ट अधिकारी थे तो सरकार ने उन्हें ईस्टर्न पैरीफेरल वे व अन्य नेशनल हाईवे योजनाओं (गाजियाबाद व हापुड़) में की गई गड़बड़ियों की जांच क्यों दी। उनकी जांच पर ही सीबीआई से जांच कराने की संस्तुति की गई। दुहन ने कहा कि वे सेवा के दौरान हमेशा ही संवेदनशील स्थानों पर शांति स्थापित करने के लिए भेजे जाते रहे हैं। उन्होंने आर्मी में सेवा के दौरान उत्तरी पूर्वी भारत के आतंकवादी निरोधी अभियान आपरेशन हिफाजत और आपरेशन ब्लू स्टार में भी भाग लिया। मेरी इन सेवाओं के लिए सेना ने मुझे सेना सेवा मेडल व अन्य अलंकरणों से नवाजा है। उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत सांसद ने फंसाया है। मीडिया द्वारा पूछे गए सांसद द्वारा फंसाए जाने के कारण पर दुहन ने कहा कि उप चुनाव में हुकुम सिंह की पुत्री चुनाव हार गई थी। वे अनावश्यक रूप से इस हार का ठीकरा उनके ऊपर फोड़कर जातिगत दुश्मनी निकाल रहे हैं। प्रेस कांफ्रेंस में साथ बैठी उनकी पत्नी ने भी तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि इससे उनका पूरा परिवार मानसिक रूप से परेशान है। सरकार ने इतने सालों की सेवा का यह सिला दिया हैं। अगर उनके पति भ्रष्ट होते तो वे अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में नहीं बल्कि निजी स्कूलों में पढ़ाते। अगर उनके पति को कुछ हो गया तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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बेईमान अधिकारी बर्खास्त होने पर संतोष : हुकुम सिंह
सांसद हुकुम सिंह का कहना है कि ऐसे बेईमान अधिकारी का बर्खास्त होना संतोषजनक है। यदि आरएस दुहण के पास अवैध कब्जेधारियों की कोई सूची पहले से थी, तो उसे उजागर करते हुए कार्रवाई क्यों नहीं कराई।
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