सहारनपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बृहस्पतिवार को मोदी सरकार का आखिरी बजट पेश किया। भाजपा पदाधिकारियों ने इसे सर्व समाज के उत्थान का बजट बताया तो वहीं विपक्षी राजनीतिक दलों ने इसे लोक लुभावना बताया। विपक्षी दलों का कहना है कि बजट उद्यमियों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जबकि आम जनता के लिए इसमें कुछ नहीं है। सरकार ने एक बार फिर से आम जनता के साथ धोखा किया है।
बजट काफी सराहनीय है। सर्व समाज के उत्थान का बजट है। देश को प्रगति के पथ पर ले जाने वाला बजट है। इस बजट में योजनाओं को गति देने का काम किया है। देश में अब तक के जितने भी अंतरिम बजट आए हैं उसमें सबसे अच्छा यह बजट है। जिसमें सभी के हितों का ध्यान रखा गया है। - डॉ. महेंद्र सैनी, जिलाध्यक्ष भाजपा
केंद्र सरकार का बजट जुमलेबाजी है। मोदी सरकार अंबानी और अडाणी के लिए बजट बनाती है। बजट में किसानों, युवाओं, व्यापारियों सहित अनेक वर्ग कोई राहत नहीं मिली है। गरीब महंगाई की मार झेल रहे हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। - मुजफ्फर अली, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
यह बजट लोकलुभावना है। कोई खास रियायत नहीं की गई। बड़े लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि आम आदमी के लिए पैसेंजर ट्रेनें खत्म की जा रहीं हैं। महंगे किराए वाली वंदे भारत जैसी ट्रेनें चलाई जा रही है। कुल मिलाकर इस बजट में आम आदमी के लिए कुछ भी नहीं है। - विशाल गौतम, जिलाध्यक्ष आम आदमी पार्टी
इसका विस्तृत विश्लेषण के बाद ही ज्यादा कुछ बताया जा सकेगा। लेकिन इसमें किसानों के लिए कुछ नहीं है। किसानों को उम्मीद थी कि चुनाव को देखते हुए उन्हें कुछ मिलेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। किसानों के प्रति यह बजट ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। - राव कैसर, जिलाध्यक्ष रालोद
बजट से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन यह बजट भी अन्य बजट की तरह निराशाजनक रहा। आम जनता को इसमें कुछ नहीं दिया गया। केवल उद्यमियों को लाभ पहुंचाने के लिए उद्देश्य से बजट को तैयार किया गया है। - अब्दुल वाहिद, जिलाध्यक्ष सपा
किसान, महिला और युवाओं के लिए इस बजट में कुछ भी नहीं है। उद्यमियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि आम आदमी की कमर तोड़ी जा रही है। बजट निराशाजनक है। - जनेश्वर प्रसाद, जिलाध्यक्ष बसपा