मेरठ। भाजपा ने रविवार को सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। दूसरे चरण के चुनाव के लिए मेरठ मंडल के प्रत्याशियों के नामों पर प्रदेश अध्यक्ष पदाधिकारियों के साथ गहन अध्ययन कर रहे हैं। ऐसे में मेरठ महापौर के प्रत्याशी पर सोमवार (आज) को दोबारा भी बैठक कर मंथन किया जा सकता है। भाजपा किसी भी सूरत में इस बार मेरठ का महापौर पद गंवाना नहीं चाहती है।
2017 के निकाय चुनाव में महापौर का पद अनुसूचित जाति महिला के नाम आरिक्षत होने के बाद भाजपा ने कांता कर्दम को प्रत्याशी बनाया था। उन्हें 205234 वोट मिले थे। बसपा की सुनीता वर्मा ने 234817 वोट हासिल करके कांता कर्दम को 29582 वोटों से हरा दिया था। सपा की प्रत्याशी दीपू मनोठिया को 47153, कांग्रेस की ममता सूद को 28794, रालोद की संगीता को 9175 वोट मिले थे। निर्दलीय प्रत्याशी मीना को 3689, भारतीय तारक समाज की रेखा को 3445 और निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमारी को 2722 मिले थे। नोटा पर 3397 वोट पड़े थे।
इस बार महापौर का पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित है। सपा ने विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान को प्रत्याशी बनाया है। इस बार रालोद का सपा से गठबंधन है। सीमा प्रधान सपा-रालोद की संयुक्त प्रत्याशी रहेंगी। आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर खतौली विधानसभा चुनाव से ही अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के साथ हैं। खतौली चुनाव में चंद्रशेखर दलित समाज के वोटों को रालोद-सपा प्रत्याशी के पक्ष में लाने में कामयाब रहे थे। ऐसे में निकाय चुनाव में उनकी खास भूमिका हो सकती है। बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती के मौके पर तीनों नेता उनकी जन्मस्थली महू में साथ नजर आए थे। ऐसे में साफ हो गया है कि निकाय चुनाव तीनों एक साथ लड़ेंगे। ये समीकरण बना तो सीमा प्रधान गुर्जर वोटों के अलावा, जाट समाज, दलित समाज और मुस्लिम समाज में सेंधमारी कर सकती हैं। ऐसे में भाजपा के लिए राह इतनी आसान नहीं मानी जा रही है। कांग्रेस से रविवार को नसीम कुरैशी प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। बसपा से भी मुस्लिम प्रत्याशी ही उतारे जाने की संभावना है लेकिन देखना ये होगा कि मुस्लिम किसी एक प्रत्याशी के पीछे ही लामबंद होंगे या फिर उनके वोट तीन प्रत्याशियों के बीच बंट जाएंगे। इन सारे समीकरणों पर भाजपा के पदाधिकारी बारीकी से नजर रखे हुए हैं। तीन दिन में पार्टी महापौर प्रत्याशी का नाम घोषित कर सकती है। ऐसे में महापौर के नाम पर दोबारा भी मंथन किया जा सकता है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र सिसोदिया और चुनाव प्रभारी कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह एवं प्रदेश उपाध्यक्ष पंकज सिंह इसकी गहन समीक्षा कर रहे हैं। सोमवार को भी बैठक में इसको लेकर मंथन किया जा सकता है।