संगीत सोम ने कहा कि कावड़ यात्रा की पवित्रता को कायम रखने के लिए बहुत जरूरी है कि आस्थावान कावड़ यात्री जिस दुकान से कुछ खाने-पीने की वस्तु खरीद रहा है वह जाने कि उसकी तीर्थ यात्रा की पवित्रता को अक्षुण्ण रखने के प्रति वह दुकानदार कितना निष्ठावान है, निसंदेह हिंदू कांवड़ यात्री के आहार की पवित्रता कायम रखने के लिए तीर्थ यात्रियों को यह छूट होनी चाहिए कि वह किस दुकानदार से सामान खरीदे और किससे नहीं, वैसे भी यह उपभोक्ता के अधिकार का मामला है। उत्तर प्रदेश सरकार का यह आदेश स्वागत योग्य है और मैं मुक्त कंठ से इसकी सराहना करता हूं।
उन्होंने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी शासनादेश के अनुसार दुकानदारों को अपनी दुकान के बाहर नाम लिखने के लिए कहा गया है, केवल इसी बात को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के द्वारा जिस प्रकार से आपत्ति व्यक्त की गई है वह उनके घोर सांप्रदायिक चरित्र को उजागर करने के लिए पर्याप्त हैं।
यशवीर महाराज ने कही यह बात
स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि सभी होटल, ढाबे और खाद्य पदार्थ बेचने वाले सभी संचालक अपना सही नाम लिखें। कांवड़ मार्ग पर बड़ी संख्या में ऐसे होटल व ढावे हैं, जिनपर हिंदू धर्म के देवी-देवताओं का नाम है, लेकिन उनके संचालक मुस्लिम धर्म के हैं। अक्सर वीडियो सामने आता है कि कोई व्यक्ति खाने में थूक रहा है। इन सभी से हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट होता है। इसलिए यह मुहिम चलाई गई है।