भाजपा की क्षेत्रीय कार्यकारिणी बुधवार को घोषित की गई। 35 सदस्यीय कार्यकारिणी में जिले के आठ लोगों को शामिल किया गया है। इसमें उपाध्यक्ष पद पर तीन, मंत्री पद पर दो, एक कोषाध्यक्ष तथा दो अन्य को शामिल किया गया है।
क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह द्वारा घोषित कार्यकारिणी में महामंत्री संगठन के रूप में चंद्रशेखर को प्रांतीय नेतृत्व पहले ही घोषित कर चुका था। उपाध्यक्ष के आठ पदों में से तीन पर मेरठ से विमल शर्मा, अरुण वशिष्ठ और जितेंद्र वर्मा को शामिल किया गया है। विमल शर्मा जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। जितेंद्र वर्मा वर्तमान में किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री थे। अरुण वशिष्ठ संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष तथा भाजपा महानगर और मंडलों में कई पदों पर रहे हैं।
संयुक्त व्यापार संघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा लघु उद्योग प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रहे बिजेंद्र अग्रवाल को कोषाध्यक्ष बनाया गया है। कार्यकारिणी में मंत्री पद पर वर्तमान मंत्री संजीव जैन सिक्का को पुन: अवसर दिया गया है। जिला उपाध्यक्ष रहे अजीत सिंह को भी मंत्री मनोनीत किया गया है। अनिल खेड़ा को कार्यालय मंत्री बनाया गया है। खरखौदा के संजय प्रजापति क्षेत्रीय कार्यकारिणी में सदस्य बने हैं।
जयकरण गुप्ता को झटका
निवर्तमान क्षेत्रीय कमेटी में मेरठ से जयकरण गुप्ता महामंत्री थे। सतेंद्र भराला, कमलदत्त शर्मा और संजीव सिक्का को मंत्री बनाया गया था। लेकिन इस बार कमलदत्त शर्मा महानगर में महामंत्री बनाए गए हैं। जयकरण गुप्ता और सतेंद्र भराला को अभी किसी कमेटी में जगह नहीं मिली है। माना जा रहा है कि जयकरण गुप्ता को एमएलसी चुनाव प्रत्याशी चयन में हुई पार्टी की किरकिरी की सजा मिली है।
जातिगत समीकरण का रखा पूरा ध्यान
क्षेत्रीय कार्यकारिणी में मेरठ के कास्ट फैक्टर को भी ध्यान रखा गया है। अरुण वशिष्ठ और विमल शर्मा को शामिल कर ब्राह्मण, बिजेंद्र अग्रवाल और संजीव सिक्का के नाम पर वैश्य, जितेंद्र वर्मा को शामिल कर गुर्जर और अजीत चौधरी को शामिल कर गुर्जर बिरादरी को साधने की कवायद की गई है। अनिल खेड़ा से ठाकुर और संजय प्रजापति से अति पिछड़ा वर्ग को संतुष्ट किया गया है।