फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगाजल योजना को शुरू कराने की भाजपा की कवायद

Sat, 08 Apr 2017 03:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
341 करोड़ रुपये खर्च करके शहर के नागरिकोें के घरों में गंगाजल पहुंचाने की योजना इन दिनों अधर मे है। गंगाजल की सप्लाई रुक रुक कर दी जा रही है। लोगों को इससे समस्या उठानी पड़ रही है। समस्या के निदान के लिए शुक्रवार को पूर्व शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी जल निगम के अधिकारियों से मिलने पहुंचे। अधिकारियों ने बजट की किल्लत होने की बात कही।  
विज्ञापन


 समर्थकों के साथ जल निगम पहुंचे पूर्व शहर विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने अधिशासी अभियंता भारत भूषण से गंगाजल की सप्लाई बंद होने का कारण पूछा। जल निगम अधिकारियों ने कहा कि भोला झाल पर लगे प्लांट के संचालन पर प्रतिमाह 15 लाख रुपये खर्च होता है। इस समय विभाग के पास बजट की किल्लत है। नगर निगम को प्लांट के संचालन के लिए कई बार पत्र लिख चुके हैं। इस पर पूर्व विधायक ने कहा कि प्लांट नगर निगम चलाए या जल निगम जनता को गंगाजल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर निगम के पास धन की कमी है तो शासन से धन की मांग की जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए नगर विकास मंत्री को भी पत्र भेजकर गंगाजल प्लांट के संचालन पर खर्च होने वाली धनराशि की मांग की गई है।  

नगरायुक्त लेंगे निर्णय
हमने नगरायुक्त के निर्देश पर गंगाजल प्लांट संचालन संबंधी फाइल तैयार की है। नगरायुक्त ही इस पर निर्णय लेंगे। गंगाजल की आपूर्ति बंद होने पर अब जनता को ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई हो रही है। - संजीव रामचंद्र, महाप्रबंधक जलकल नगर निगम।  
विज्ञापन


शीघ्र समाधान होगा
प्लांट के संचालन को लेकर हमारी नगरायुक्त और महापौर के साथ बैठक हो चुकी है। 15 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च वहन करने का रास्ता निकाला जा रहा है। नगर निगम अधिकारी भी प्रयास में हैं। इसका शीघ्र ही समाधान होगा। - भारत भूषण, अधिशासी अभियंता जल निगम।

शासन से बात की जाएगी
महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने बताया कि हमने गुरुवार को जल निगम और नगर निगम के साथ बैठक करके गंगाजल आपूर्ति शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अगर धन की दिक्कत है तो उसके लिए हम शासन से बात करेेंगे। पहला कदम शहर की जनता को गंगाजल सप्लाई शुरू कराना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें