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मिशन 2019 को साधने के लिए उप्र पर रहेगा भाजपा का फोकस, ये हैं दो बड़े कारण

Sun, 12 Aug 2018 12:02 PM IST
अनुज मित्तल, अमर उजाला, मेरठ
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बीजेपी कार्यसमिति की बैठक के दौरान सीए योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला
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भाजपा मिशन 2019 को साधने के लिए अपना पूरा फोकस यूपी पर लगा रही है। इसके दो कारण भी साफ हैं। पहला, यूपी देश का सबसे ज्यादा लोकसभा सीटों वाला बड़ा प्रदेश है। दूसरे, यूपी में पहले चरण में होने वाले चुनाव का संदेश पूरे देश में जाता है। साथ ही इस वक्त केंद्र के साथ उत्तर प्रदेश में भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सशक्त सरकार है। भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के उद्घाटन सत्र में ही इसका संकेत पूरी तरह मिल गया कि कल रविवार तक मंथन यूपी साधने पर होगा।

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भाजपा ने यूपी पर लगा दी है पूरी ताकत

लोकसभा चुनाव में साल 2014 में भाजपा को 282 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इसमें सबसे बड़ा आंकड़ा उत्तर प्रदेश से 73 सीटों का था। उत्तर प्रदेश में भाजपा की ऐसी लहर चली कि उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली आदि प्रदेशों में भाजपा ने बड़ी संख्या में लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की। उत्तर प्रदेश वैसे भी देश की राजनीति का प्रमुख केंद्र है। बात अगर बड़े विपक्षी दल कांग्रेस की करें तो उसके राष्ट्रीय नेताओं की सियासत का केंद्र भी उत्तर प्रदेश ही रहा है। 

ऐसे में इस बार भी मिशन 2019 को फतह करने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी नजर यूपी पर लगा दी है। प्रदेश कार्यसमिति के उद्घाटन सत्र से पहले कार्यकारिणी की बैठक में भी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडे और प्रदेश के महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने पदाधिकारियों को यही संदेश दिया और उसी के तहत कार्यसमिति की बैठक का एजेंडा तैयार करने और उसे प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया।

बस पहुंचाना बाकी
कार्यसमिति की बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां पिछले चुनाव की 73 सीटों से ज्यादा सीट जीतने का संकल्प दिलाया, तो उन्होंने नेताओं और  कार्यकर्ताओं के सामने केंद्र और प्रदेश सरकार के द्वारा कराए गए कामों को  गिनाया। योगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि हमने काम बहुत किए हैं। लेकिन इन्हें जनता तक सही तरीके से पहुंचाना बाकी है। 
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उप्र करेगा प्रशस्त

पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने साफ कह दिया कि लोकसभा की जीत का रास्ता उत्तर प्रदेश ही प्रशस्त करेगा। इसलिए सभी को पूरी तरह जुट जाना है। इससे साफ है कि भाजपा नेतृत्व का इस कार्यसमिति की बैठक के जरिये पूरा फोकस यूपी फतह पर रहेगा।  इस मिशन के तहत रविवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी कार्यसमिति के सदस्यों के साथ मंथन करने के साथ प्रदेश के सांसदों और विधायकों के साथ अलग  से मंथन करेंगे। 

मुश्किल चुनौतियों से पार ...
उत्तर प्रदेश में इस बार भाजपा के सामने कड़ी चुनौती है। जिससे पार पाने के लिए इन दो दिनों में गहन मंथन होना है। दो खुले सत्र छोड़ दें तो बाकी में गोपनीय रणनीति बनेगी। यही नहीं, इस बैठक में प्रदेश के जिला अध्यक्षों और जिला प्रभारियों को भी बुलाया गया है। जिनके साथ अलग से एक सत्र मंथन का रखा गया है। क्योंकि जीत का रास्ता जिला स्तर और उससे नीचे के पदाधिकारी और कार्यकर्ता ही तय करेंगे। इन सभी को मिशन 2019 की जीत का मंत्र दिया जाएगा।

दरअसल भाजपा के सामने सबसे बड़ी समस्या जातिगत समीकरण को साधना है। पिछली बार भाजपा की जीत में सपा सरकार के समय में हुए सांप्रदायिक दंगाें ने अहम भूमिका निभाई थी। लेकिन इस बार चुनाव से पहले जातीय विवाद ज्यादा भड़क रहे हैं। इस स्थिति में भाजपा यदि सिर्फ अपने सवर्ण और अति पिछड़े वोटों के सहारे मैदान में उतारती है, तो उसकी राह मुश्किल हो सकती है। 
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