भाजपा धर्म के नाम पर और सपा व बसपा जाति के नाम पर सत्ता हासिल करती आई है। जबकि कांग्रेस केवल विकास की राजनीति करती है। यह बातें कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी एवं जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने रविवार को जिमखाना मैदान में हुई जन आक्रोश रैली में कही।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस पर देश को बर्बाद करने का आरोप लगाते हैं। लेकिन वे इतिहास नहीं जानते। आजादी के बाद से देश ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू से लेकर डॉ. मनमोहन सिंह तक के राज में ही तरक्की की। 1951 में देश में केवल 1300 मेगावाट बिजली थी, जो यूपीए टू सरकार तक बढ़कर पौने तीन लाख मेगावाट पहुंच गई। एक लाख मेगावाट के प्रोजेक्ट पास कर रखे थे।
क्रांतिधरा के लोग रास्ता भूले
आजाद ने कहा कि क्रांतिधरा मेरठ के लोगों ने देश को एक रास्ता दिया। लेकिन अब खुद ही रास्ता भूल गए हैं। जब हम बतौर हिंदुस्तानी वोट करते थे, तो कांग्रेस की सरकार बनती थी। जबसे धर्म व जाति के नाम पर वोटिंग शुरू की तो भाजपा, सपा व बसपा की सरकार बना देते हैं। पहले जाति के नाम पर यह बंटवारा हिंदुओं तक ही सीमित था। लेकिन अब मुसलमानों में होने लगा।
टिकट पर ली चुटकी
आजाद ने चुटकी ली कि उन्होंने कुरैशी को प्रत्याशी बनाने को कहा तो कहा अंसारी वोट नहीं करेंगे। अंसारी को टिकट देने की बात कही तो कहा कुरैशी वोट नहीं करेंगे। ये मेरा सौभाग्य है कि मेरे प्रदेश जम्मू-कश्मीर में जाति का झगड़ा नहीं है। आज तक मुझे नहीं पता कि मेरी जाति क्या है। पिछले 27 साल से कांग्रेस प्रदेश से बाहर है, तो प्रदेश विकास की पटरी से उतर गया। कांग्रेस के पूर्व विधायक दो से तीन कमरों के घर में रह रहे हैं। बाकी पार्टियों के विधायक एक बार रहने पर ही करोड़ों में खेल रहे हैं।
कथनी और करनी में अंतर नहीं
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कथनी-करनी में अंतर नहीं है। आज जो लोग देश भक्ति का पाठ पढ़ाने में लगे हैं, उन्होंने देश की आजादी में कभी हिस्सा नहीं लिया था। कांग्रेस ने ही देश के लिए कुर्बानी दी।
कहां गए वादे
राष्ट्रीय प्रवक्ता मीम अफजल ने कहा कि पीएम मोदी ने हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा किया था। लेकिन ढाई साल में पांच करोड़ लोगों को रोजगार न देकर नोटबंदी से दस करोड़ लोगों की नौकरी छीनने का काम किया। प्रदेश उपाध्यक्ष इमरान मसूद ने भाजपा पर हमला बोला कि 60 दिन बाद भी बैंकों के सामने से लोगों की लाइन खत्म नहीं हो रही। राष्ट्रीय सचिव नसीब सिंह के अलावा पूर्व एमएलसी हरेंद्र अग्रवाल, जिलाध्यक्ष विनय प्रधान, कृष्ण कुमार किशनी, डॉ. मेराजुद्दीन अहमद, मनजीत सिंह कोछड़ ने भी सभा को संबोधित किया।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर संजीव शर्मा, आफताब, स्वतंत्र यादव, मेहरबान आलम, प्रदीप कंसल, चौ. यशपाल सिंह, अखिल कौशिक, सैयद सलीमुद्दीन शाह, रोहित गुर्जर, मइनुद्दीन गुड्डू, शमीम काजमी, अशोक भारती, हरिकिशन वर्मा, विनोद मोघा, नसीम कुरैशी, अभिमन्यु त्यागी, सपना सोम, आफाक खान, सलीम खान, पं. सत्यप्रकाश गौतम, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।
नहीं पहुंचे राजबब्बर, शीला दीक्षित
रैली में प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर, शीला दीक्षित और नगमा नहीं पहुंचे। इन सभी के पोस्टर रैली स्थल पर लगे थे। नेता भी सुबह से इनके पहुंचने का दावा कर रहे थे। लेकिन ये तीनों ही रैली में शामिल नहीं हुए।
दावेदार लेकर पहुंचे भीड़
विधानसभा चुनाव में दावेदारी कर रहे नेता भीड़ के साथ ही अपने नाम के पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। इसमें कैंट से संजय गोयल गैलेक्सी, रमेश धींगड़ा, अवनीश काजला, एनपी सिंह, प्रदीप अरोड़ा, उज्ज्वल अरोड़ा, राज केसरी, मनजीत सिंह कोछड़, मोनींद्र सूद, शहर विस से पं. जयनारायण शर्मा, पं. नवनीत नागर, आदित्य शर्मा, नसीम कुरैशी, अनिल शर्मा, शमशुद्दीन चौधरी, मेरठ दक्षिण से डॉ. मेराजुद्दीन अहमद, मुगीश जिलानी, सलीम पठान, महेंद्र गुर्जर, मंडल प्रभारी सतीश शर्मा आदि मौजूद रहे।
नहीं हुए कांग्रेस में शामिल
बसपा सरकार में मंत्री रहे जगबीर सिंह गुर्जर कांग्रेस में शामिल नहीं हुए। उनके रैली के दौरान पार्टी में शामिल होने की बात की जा रही थी। रैली आयोजक उनके साथ रैली में दस हजार से ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद लगाए थे। लेकिन जगवीर नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष विनय प्रधान ने बताया कि कुछ कारणों के चलते वे रैली में नहीं पहुंचे। वहीं, ठा. नरेश राणा व बुंदु अंसारी भी पार्टी में शामिल नहीं हुए।