इस बीच पार्षद ने दरोगा को पांच थप्पड़ जड़ दिए। जिसका वीडियो वायरल हुआ था। इस चर्चित प्रकरण में पुलिस ने दरोगा व महिला अधिवक्ता की अलग अलग तहरीर पर पार्षद के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा था। बाद में महिला अधिवक्ता और दरोगा के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ। आरोपी भाजपा पार्षद से डकैती की धारा हटी तो कोर्ट से दो नवंबर को पार्षद को कोर्ट से जमानत मिल गई।
पुलिस का कहना है कि सैकड़ों समर्थकों के साथ हर्षोंल्लास के साथ पार्षद अपने घर पहुंचे थे। चर्चा है कि पार्षद के जेल से छूटने पर उसके समर्थकों ने नेशनल हाईवे पर जश्न मनाया था और चलती कार से खुले आम हर्ष फायरिंग की थी। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि आरोपियों ने एक के बाद एक करके करीब छह राउंड गोलियां चलायी। गनीमत रही कि कोई अनहोनी नहीं हुई। पार्षद के समर्थकों ने वीडियो को अपने फेसबुक अकाउंट पर भी अपलोड कर दिया।
रविवार को लखनऊ तक हर्ष फायरिंग की गूंज हुई। इसके बाद आरोपियों ने वीडियो को डिलीट भी कर दिया। वीडियो अपलोड होने के बाद पार्षद एक बार फिर से चर्चा में आ गये। सीओ दौराला पंकज कुमार का कहना है कि मामला संज्ञान में है। फायरिंग होना तो स्पष्ट हो रहा है लेकिन फायरिंग कर कौन रहा है। यह स्पष्ट नहीं हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा पार्षद मनीष पंवार का कहना है कि जमानत पर जेल से छूटने के बाद मैं सीधा घर आ गया था। उसके बाद फिर कहीं नहीं गया। न तो मैंने कोई जश्न मनाया और न ही कोई हर्ष फायरिंग की। ये मुझे बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। मेरा या मेरे समर्थकों का सोशल मीडिया पर अपलोड की गई वीडियो से कोई लिंक नहीं है।
साइबर सेल से कराई जा रही जांच
एसपी सिटी रणविजय सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में है। साइबर सेल से पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। विनय चौधरी नाम के युवक ने वीडियो फेसबुक पर अपलोड की है। इस मामले में विनय चौधरी के खिलाफ आईटी एक्ट में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करेगी।