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भाजपाइयों ने दरोगा से मारपीट को गलत बताकर उठाए सवाल, कहा- निष्पक्ष कार्रवाई न हुई तो करेंगे आंदोलन

Sun, 21 Oct 2018 10:24 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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मेरठ न्यूज - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में होटल ब्लैक पेपर प्रकरण में आरोपी भाजपा पार्षद मनीष पंवार के पक्ष में भाजपाई और व्यापारी खुलकर मैदान में आ गए हैं। पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई न हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। 

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सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि दरोगा के साथ मारपीट का वह बिल्कुल समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन सवाल उठता है कि दरोगा रात में महिला के साथ वहां क्या कर रहा था। अपना थाना क्षेत्र छोड़कर वह दूसरे थाना क्षेत्र में केस पर चर्चा करने क्यों पहुंचा। रही बात पुलिस अधिकारियों की तो मेडिकल रिपोर्ट हो या फिर कुछ और वह अपने कर्मचारी अधिकारी को बचाने के लिए कुछ भी कर सकती है। दरोगा को निश्चित रुप से दंडित किया जाना चाहिए। मैं स्वयं इस मामले में उच्चाधिकारियों से वार्ता करूंगा।

भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मारपीट पूरी तरह गलत है। किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। लेकिन दरोगा जी नियम कैसे भूल गए और अधिकारी भी उसे कैसे नजरअंदाज कर रहे हैं। क्योंकि नियम साफ कहता है कि किसी भी महिला से केस पर चर्चा या पूछताछ सूर्योदय के बाद और सूर्यास्त से पहले हो सकती है और उसमें भी महिला अधिकारी की मौजूदगी होनी चाहिए।
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दरोगा ने नियमों का उल्लंघन किया है तो उसे लाइन हाजिर नहीं बल्कि निलंबित करने के साथ मुकदमा दर्ज होना चाहिए। पुलिस अधिकारी यदि अपने मातहत को बचाएंगे तो हम भी पीछे नहीं है। अपने कार्यकर्ता के पक्ष में मैदान में उतरने को मजबूर होंगे। 

कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने कहा कि दरोगा ने होटल मालिक को मारपीट के लिए बाध्य किया। पहले दरोगा ने अभद्रता के साथ मारपीट की। जब दरोगा नहीं माना तो मजबूरन होटल मालिक को हाथापाई करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले से आलाकमान को अवगत करा दिया गया है। शीघ्र ही इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी। 

ज्यादती बर्दाश्त नहीं होगी
संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि व्यापारी का उत्पीड़न किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। आरोप है कि दरोगा ने शराब पी रखी थी। लेकिन पुलिस ने जानबूझ कर उसका मेडिकल बाद में कराया। क्योंकि शनिवार दोपहर 3.30 बजे तक भी एसपी सिटी मेडिकल रिपोर्ट न आने की बात कहते रहे।

वीडियो में सब साफ नजर आ रहा है। जिस मोबाइल आदि सामान लूट की बात हो रही है, वह दोनों के हाथों में नजर आ रहा है। कहा कि इस मामले में रविवार को संयुक्त व्यापार संघ कार्यकारिणी की बैठक बुलायी जा रही है। जिसमें पहले एसएसपी से मिलने का निर्णय होगा और यदि एसएसपी ने उनकी बात नहीं मानी तो मेरठ बंद भी किया जाएगा। क्योंकि इस तरह की ज्यादती बर्दाश्त नहीं होगी। 

दरोगा सस्पेंड करने की मांग
भाजपा नेता और व्यापारियों ने मांग की है कि दरोगा और महिला पर भी केस दर्ज किया जाए जिन्होंने धमकी देते हुए होटल मालिक से मारपीट की। दरोगा को निलंबित किया जाए। भाजपाइयों का आरोप है कि परतापुर इंस्पेक्टर नीरज मलिक ने कंकरखेड़ा थाने की हवालात में शनिवार तड़के होटल मालिक मनीष के साथ मारपीट की, इंस्पेक्टर पर भी कार्रवाई की जाए। 
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पुलिस को किया बदनाम
वहीं, लखनऊ से संयुक्त व्यापार संघ के महामंत्री अरुण वशिष्ठ ने बताया कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन पुलिस को इसमें एकतरफा कार्रवाई से बचना चाहिए। दरोगा ने खुद पुलिस को बदनाम किया है। पता चला है कि दरोगा तबियत खराब होने का बहाना कर घर जाने के लिए कहकर निकला था और पहुंच गया दूसरे क्षेत्र में।

महिला अधिवक्ता के पक्ष में उतरे वकील 
मेरठ बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री रामकुमार शर्मा का कहना है कि महिला अधिवक्ता के साथ की गई अभद्रता बेहद निंदनीय है। होटल मालिक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही जो लोग होटल मालिक के पक्ष में उतर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। महिला के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले में अधिवक्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस अधिकारियों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेगा।

महिला अधिवक्ता अपने केस के संबंध में विवेचक के पास गई थी। लेकिन होटल मालिक ने बदनाम करने की कोशिश की है। अधिवक्ता सतीश कुमार का कहना है कि होटल मालिक पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों ने आरोपी को छुड़ाने की कोशिश की, पुलिस उन पर भी कार्रवाई करे।

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