सीसीएसयू इतिहास विभाग में दो दिवसीय सेमिनार का हुआ समापन
- इतिहास विभाग के जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम पर आधारित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन समारोह हुआ। मिहिरभोज पीजी कॉलेज दादरी के प्राचार्य प्रो. किशोर कुमार शर्मा, गवर्मेंट डिग्री कॉलेज सरधना की प्रो. अनीता गोस्वामी, आरजी पीजी कॉलेज प्रो. अपर्णा वत्स विषय विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। संयोजक प्रो. कृष्णकांत शर्मा रहे। प्रो. शर्मा ने कहा कि इन प्राप्त शोध पत्रों में से स्क्रीनिंग कमेटी जिन 10 सर्वोच्च स्तर के शोध पत्रों को चुनेगी वह 10 शोध पत्र भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद नई दिल्ली को भेजे जाएंगे। जिन्हें जिन्हें अखिल भारतीय स्तर पर प्रोसीडिंग में प्रकाशित किया जाएगा। डाॅ. दीपक ने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि मैं अपने गुरुओं के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर मिला। सोनीपत से पधारे डॉ. विशाल शर्मा ने कहा कि उन्होंने अपने पथ विरासत में भक्ति को बहुत महत्व देते दिखाई देते हैं। उन्होंने भक्ति को राष्ट्र प्रेम से जोड़ने पर जोर दिया। डाॅ. पंकज शर्मा ने कहा कि बिरसा मुंडा ने अपने समाज को जागरूक किया एक समाज सुधारक के रूप में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। प्रो. अनीता गोस्वामी ने कहा कि जनजातीय समाज में जागरूकता लाने का सामाजिक रूप से भी और राजनीतिक रूप से भी बिरसा मुंडा का महत्वपूर्ण योगदान है। प्रो. कौर ने कहा कि जनजातीय समाज में जागृति लाने का श्रेय बिरसा मुंडा को है। प्रोफेसर किशोर कुमार ने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम एक यूनिक संघर्ष है। पूरी दुनिया में हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रेरणादायक है। प्रो. किशोर कुमार ने कहा कि अन्याय के विरुद्ध खड़े होना बिरसा मुंडा से सीखा जा सकता है। बिरसा मुंडा जैसे लोग हमारे लिए प्रेरणादायक है। विषय से संबंधित नई जानकारियां मेरे जीवन के लिए प्रेरणादायक रहेंगी।