बिजनौर में हुई झमाझम बारिश, गर्मी से राहत
बिजनौर में पिछले कई दिनों से भयंकर गर्मी के बाद रविवार तड़के से ही झमाझम बारिश शुरू हो गई। बारिश से जहां लोगों को गर्मी से बहुत राहत मिली, वहीं सिंचाई के अभाव में सूख रही फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी साबित होगी। खासकर किसानों ने पशुओं के लिए जो चारे की बुवाई कर रखी थी वह सिंचाई के अभाव में सूख गया था।
पशु चारे के लिए यह बारिश बहुत लाभदायक है। बारिश के बाद किसान बड़ी मात्रा में पशु चारे की बुवाई कर लेंगे। गन्ने की फसल के लिए भी इस समय बहुत लाभकारी है। बारिश के बाद मौसम भी सुहाना हो गया और तापमान में गिरावट आई, जिससे लोगों को गर्मी से बहुत राहत मिली।
भीषण गर्मी के चलते जहां बिजली की मांग अधिक बढ़ रही थी और लो वोल्टेज आपूर्ति के दौरान थे बारिश के बाद बिजली में भी सुधार दिखाई दिया। बारिश के एक घंटे बाद ही आपूर्ति में लो वोल्टेज की समस्या दूर दिखाई दी। अच्छी बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे।
भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था भी हांफ गई है। मेरठ की बात करें तो लो वोल्टेज ने पंखों की रफ्तार रोक दी है। बार-बार लगते पॉवर कट और अघोषित कटौती ने जनता का चैन छीन लिया है। शनिवार को शहर ही नहीं बल्कि देहात में लोगों को भारी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर शासन स्तर से भी नाराजगी जाहिर की गई है। रात को हुई बारिश ने थोड़ी राहत जरूर दिलाई लेकिन उमस बरकरार रही।
बढ़ते तापमान के बीच पर्याप्त बिजली आपूर्ति के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। शहर में 24 घंटे और देहात में 20 घंटे विद्युत आपूर्ति के आदेश बेमानी साबित हो रहे हैं। शहर को 15 घंटे और देहात को 8 घंटे भी एक मुश्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इसके चलते उद्योग धंधे भी प्रभावित हो गए हैं। खेतों की सिंचाई भी नहीं हो पा रही है।
शनिवार को मोहकमपुर, परतापुर, बागपत रोड, खडौली, सरस्वती विहार, गोलाबढ़, फाजलपुर, कंकरखेड़ा पेंठ बाजार, शास्त्रीनगर, जागृति विहार, प्रभात नगर, जाकिर कालोनी, घंटाघर समेत अधिकतर इलाकों मेें बिजली कटौती से जनता त्रस्त रही। शिकायत करने पर जनता को यही सुनने को मिलता है कि लाइन में फॉल्ट है, ठीक होते ही बिजली आपूर्ति सुचारू हो जाएगी।