शहर के नामी चिकित्सा संस्थानों को भी नियम कायदे की परवाह नही है। 47 अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब नियमों की अनदेखी कर चल रहे हैं। इन संस्थानों ने क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति नहीं ली है। प्रमुख सचिव के निर्देश पर हुए निरीक्षण में यह मामला सामना आया है। जिसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने तत्काल अनुमति लेने के लिए नोटिस जारी किए है। अगर जल्द से जल्द अनुमति नहीं ली गई तो फिर बोर्ड मुख्यालय ओर शासन को सख्त कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी।
प्रमुख सचिव पर्यावरण के निर्देश पर शहर के 350 नर्सिग होम, पैथॉलोजी लैब, क्लीनिक आदि का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान शहर में 47 नर्सिग होग, क्लीनिक और पैथॉलॉजी लैब के न तो मानक पूरे मिले और न ही क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति का नवीनीकरण ही दिखा सके। इनके पास में 2016 तक की अनुमति थी। नौ माह से बिना अनुमति के ही यह अस्पताल चलाए जा रहे हैं। जबकि प्रमुख सचिव पर्यावरण और हाईकोर्ट के सख्त निर्देश है कि मानक पूरे होने पर ही अस्पताल, क्लीनिक और पैथोलॉजी लैब के संचालन की अनुमति दी जाए। निरीक्षण के दौरान मामले का खुलासा होने पर क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मोदीपुरम ने सभी चिकित्सा संस्थानों को नोटिस जारी कर जल्द से जल्द अनुमति लेने के निर्देश दिए हैं।
नोटिस जारी होते मचा हडकंप
मोदीपुरम। 47 अस्पताल, लैब और क्लीनिकों को नोटिस जारी होने पर हडकंप मच गया है। शासन और हाईकोर्ट के सख्त निर्देश को देखते हुए अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति लेनी आवश्यक होगी। बिना अनुमति वाले अस्पतालों पर कार्रवाई की तलवार लटकी हुई है।
प्रमुख सचिव और हाईकोर्ट के निर्देश पर शहर में अस्पतालों और क्लीनिक और लैब के निरीक्षण में 47 संस्थानों के मानक पूरे नहीं मिले। विभाग से अनुमति भी नहीं ले रखी है, जो नियमविरुद्ध है। ऐसे संचालकों को नोटिस जारी किया है और तत्काल अनुमति के निर्देश दिए गए है।
आरके त्यागी, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी