बिजनौर में बैराज पर पुल की जांच के दौरान रास्ता बंद करने के कारण जमा भीड़। संवाद
बिजनौर। 41 साल पहले की बात करें तो बिजनौर से मेरठ की दूरी 142 किलोमीटर थी। लोगों को चांदपुर, गजरौला होते हुए मेरठ जाना पड़ता था। इस बार बाढ़ में बिजनौर बैराज और हस्तिनापुर पुल मार्ग बंद होने से जिले के लोग उसी स्थिति में पहुंच गए। अब फिर से लोगों को यह लंबी दूरी तय कर मेरठ जाना पड़ रहा है।
साल 1984 में बिजनौर में गंगा नदी पर बैराज का निर्माण किया गया। बैराज में 28 गेट हैं। जब यह पुल बना तो बिजनौर जिले के लोगों के लिए मेरठ पास हो गया। इससे पहले तक लोग करीब 142 किलोमीटर की दूरी तय करके मेरठ पहुंच रहे थे, इसके बाद मेरठ मात्र 84 किलोमीटर दूर रह गया।
पिछले सप्ताह बैराज पुल में बेयरिंग खराब होने के कारण यातायात रोक दिया गया। उधर, गंगा में बाढ़ के कारण जलीलपुर-हस्तिनापुर के बीच पुल की अप्रोच रोड कट गई। इन दोनों ही मार्गों पर यातायात बंद है। ऐसे में रोडवेज बस हो या कार सवार सभी गजरौला होकर ही मेरठ पहुंच पा रहे हैं।
बिजनौर में बैराज पर पुल की जांच के दौरान रास्ता बंद करने के कारण जमा भीड़। संवाद