फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रेत से भरे ट्रक ने मां-बेटी समेत तीन को कुचला

Mon, 31 Jul 2017 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बिजनौर
विज्ञापन
शव को देखकर बिलखते परिजन
विज्ञापन
ठाकुरद्वारा-सुरजननगर मार्ग पर सोमवार को एक तेज रफ्तार ट्रक ने बिजनौर निवासी बाइक सवार तीन लोगों को रौंद दिया। हादसे में मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहे युवक ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मरने वालों में किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था। हादसे के बाद  चालक ट्रक को छोड़कर भाग गया। 
विज्ञापन

जनपद बिजनौर के स्योहारा के मोहल्ला भजड़ियो सराय मिल्कियान सराय निवासी बिलाल अहमद (22) पुत्र निजामुद्दीन अपनी बुआ नईमा खातून (65) पत्नी अख्तर हुसैन और इनकी बेटी निशात परवीन उर्फ नगमा (18) को लेकर अपनी रिश्तेदारी कोतवाली ठाकुरद्वारा के गांव मस्तल्लीपुर आ रहा था। सुरजननगर मार्ग पर दूल्हापुर मोड़ के पास इनकी बाइक सामने से आए तेज रफ्तार रेत से भरे ट्रक की चपेट में आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ट्रक बाइक को करीब 100 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। हादसे में नईमा खातून और उनकी बेटी निशात परवीन की सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर पहुंची 108 एंबुलेंस तीनों को नगर के सरकारी अस्पताल में ले गई, जहां मां-बेटी को मृत घोषित कर दिया गया। जबकि बिलाल अहमद ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बिलाल कुवैत में काम करता था और वह ईद पर घर लौटा था। परिवारीजन उसकी शादी की तैयारियों में जुटे थे। घटना की जानकारी पर परिवार के लोग भी आ गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज की है। 
विज्ञापन

अस्पताल में आक्सीजन का सिलेंडर खाली बताया, नोकझोंक

घर के बाहर लगी भीड़
सरकारी अस्पताल में बिलाल को सही उपचार न मिलने का आरोप लगाते हुए परिवारीजनों ने हंगामा किया। उनकी इस दौरान अस्पताल के अधीक्षक डाक्टर दीपक वर्मा से नोकझोंक भी हुई। परिवारीजनों ने कहा कि दुर्घटना के बाद डाक्टर मुजफ्फर अली ने उसके उपचार में लापरवाही बरती। 
आरोप है कि बिलाल को आक्सीजन लगाने की कोशिश की गई, तो अस्पताल का आक्सीजन का सिलेंडर खाली था। हंगामा कर रहे सलीम खां ने लापरवाह डाक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ  कार्रवाई की मांग की। इस पर अधीक्षक ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि इलाज में कोई लापरवाही नहीं की गई। अस्पताल से बिलाल को उसके परिजनों के आने से पहले ही हायर सेंटर ले जाने की कोशिश की जा रही थी। लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। परिवार के इमरान, अख्तर दानिश, नईम, मरगूब आदि का कहना है कि बिलाल करीब आधे घंटे तक घटनास्थल पर तड़पता रहा, समय रहते बिलाल को उपचार मिल जाता तो शायद जान बच सकती थी। अस्पताल में भी एक घंटे तक टालमटोल होती रही काफी समझाने बुझाने के बाद हंगामा कर रहे लोग शांत हुए।  उधर, हादसे में एक ही परिवार के तीन लोगों दर्दनाक मौत से मोहल्ला मिलिकियान में कोहराम मचा है। हादसे के वक्त सोमवार सुबह नईमा (55) पत्नी अख्तर हुसैन, अपनी बेटी नगमा (16) और भतीजे बिलाल उर्फ बब्बू के साथ बाइक से जसपुर के गांव मुस्तल्लीपुर जा रही थी। मुस्तल्लीपुर में उनका कोई करीबी रिश्तेदार बीमार है, जिसे देखने ये जा रहे थे।  बिलाल की मौत से उसके भाई शाहबुद्दीन, कमरूद्दीन, फैजान, बहन महताब नाजिश व साजिया, मां साईना का रोते रोते बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि  मां-बेटी की तो घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि बिलाल मौके पर तड़पता रहा। राहगीरों ने पुलिस को हादसे की सूचना दी। पुलिस ने गंभीर रूप से घायल बिलाल को ठाकुरद्वारा सीएचसी में भर्ती कराया गया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें