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गन्ना भुगतान न होने पर कलक्ट्रेट में महापंचायत, हिरासत में बिजनौर-चांदपुर चीनी मिल के जीएम

Tue, 15 Jan 2019 07:53 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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कलेक्ट्रेट में हंगामा करते किसान - फोटो : अमर उजाला
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यूपी बिजनौर में पिछले साल का बकाया गन्ना भुगतान न दिए जाने से राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की महापंचायत में सरदार वीएम सिंह के सामने पुलिस ने वेव ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल के जीएम को हिरासत में ले लिया। ग्रुप की चांदपुर चीनी मिल के जीएम ने किसानों के बीच ही इस्तीफा देने का एलान कर दिया, लेकिन किसानों ने उन्हें भी पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। बाद में समझौता होने पर दोनों को छोड़ा गया। मिल अधिकारियों के द्वारा 25 जनवरी तक बकाया भुगतान के आश्वासन पर किसान शांत हुए।

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बिजनौर चीनी मिल पर पिछले साल के पेराई सत्र का 25.63 तथा चांदपुर मिल पर 35.63 करोड़ रुपया बकाया है। मंगलवार को सरदार वीएम सिंह के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में किसानों की महापंचायत बुलाई गई थी। करीब साढ़े तीन बजे एडीएम प्रशासन विनोद कुमार गौड़, एसडीएम बृजेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह मिल अफसरों के साथ पहुंचे। बिजनौर मिल के जीएम इसरार अहमद ने किसानों को बताया कि उन्हें शासन से सॉफ्ट लोन नहीं मिला है। लोन के लिए हाईकोर्ट में केस किया है। कोर्ट से मंजूरी मिलते ही भुगतान कर दिया जाएगा। बताया कि इस साल का थोड़ा भुगतान किया गया है, इस पर किसान भड़क गए। किसानों ने प्रशासनिक व मिल अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाई। किसानों ने बिना भुगतान के पंचायत खत्म करने से इंकार कर दिया। उन्होंने मिल अधिकारियों व मालिकों की गिरफ्तारी की मांग की। इस पर प्रशासन ने तुरंत बिजनौर चीनी मिल के जीएम इसरार अहमद को हिरासत में ले लिया और थाने ले गए। 

वहीं चांदपुर चीनी मिल के जीएम तेजवीर सिंह ढाका ने किसानों के बीच ही इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। लेकिन किसान नहीं माने। उन्होंने चांदपुर चीनी मिल के जीएम को भी पकड़कर सीओ सिटी महेश कुमार को हवाले कर दिया। सीओ ने जीएम को हिरासत में लेकर अपने साथ थाने ले गए। इसके बाद भी किसान कलक्ट्रेट में हंगामा करते रहे। बाद में मिल अधिकारियों द्वारा 25 जनवरी तक पिछले साल के समस्त भुगतान का आश्वासन मिलने पर किसान शांत हुए और सात दिन से चल रहा किसानों का धरना समाप्त हुआ। सीओ सिटी महेश कुमार के अनुसार भुगतान के आश्वासन के बाद दोनों जीएम को छोड़ने के लिए किसान सहमत हो गए।

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वेव ग्रुप के एमडी व चेयरमैन के खिलाफ तहरीर, दो जीएम ने दिए इस्तीफे

पिछले साल का भुगतान न करने पर वेव ग्रुप के एमडी व चेयरमैन के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी गई है। प्रशासन ने वेव ग्रुप की बिजनौर व चांदपुर मिल के अलावा बरकातपुर चीनी मिल की चीनी व शीरे को भी अभिरक्षा में ले लिया है। बिजनौर व चांदपुर चीनी मिल के जीएम ने भी इस्तीफा दे दिया है। 

मंगलवार को पुराने गन्ना बकाया को लेकर कलक्ट्रेट में बहुत हंगामा हुआ। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों के आंदोलन के दौरान ही चांदपुर मिल के जीएम तेजवीर सिंह ढाका ने इस्तीफे की घोषणा कर दी थी। किसानों ने बिजनौर मिल के जीएम इसरार अहमद व चांदपुर मिल के जीएम तेजवीर सिंह ढाका को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ दिया। इस मामले में दोनों अधिकारियों ने मिल में जाने के बाद अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 

वहीं प्रशासन ने बिजनौर, चांदपुर व बरकातपुर मिल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए तीनों चीनी मिल की चीनी व शीरे को अपनी अभिरक्षा में ले लिया है। तीनों चीनी मिलों द्वारा नए पेराई सत्र का कम भुगतान किया है। ऐसा करने पर प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। बाकी चीनी मिलों को भी समय से भुगतान करने की सख्त चेतावनी दी गई है। वेव ग्रुप के एमडी मनप्रीत सिंह चड्ढ़ा व चेयरमैन राजेंद्र सिंह चड्ढ़ा के खिलाफ भी पिछले पेराई सत्र का भुगतान न करने पर पुलिस में तहरीर दी गई है। बिजनौर चीनी मिल के जीएम इसरार अहमद ने बताया कि वे किसानों का बहुत सम्मान करते हैं। प्रशासन के सुरक्षा के आश्वासन पर वे राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की पंचायत में गए थे। वहां पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया और थाने में पुलिस कस्टडी में रखा गया। वे भुगतान कराने का भी पूरा प्रयास कर रहे हैं, लेकिन वे इस तरह का अपमान नहीं सह सकते हैं। उन्होंने व चांदपुर मिल के जीएम तेजवीर सिंह ढाका ने इस्तीफा दे दिया है।

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