पुलिस ने 28 जुलाई को मानव तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने 12 किशोर और 12 व्यस्क लोगों को बंधन मुक्त कराया।
सात आरोपियों के पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ कि जिले में पिछले कई सालों से यह खेल चल रहा है। बाकायदा लोग ठेकेदार बन चुके हैं जो कि बिहार और झारखंड से किशोरों और मजदूरों को झांसा देकर ले आते हैं। वहां उनके परिवारों को कुछ पैसा दे दिया जाता है। जबकि यहां आकर खरीद फरोख्त की जाती है।
पुलिस ने एक गिरोह पकड़ने के बाद नजर औरों पर भी दौड़ा दी है। पुलिस को कुछ नंबर हाथ लगे हैं जो कि तस्करी में लगे हुए हैं। इन नंबरों की सीडीआर और लोकेशन भी खंगाली जा रही है। कौन कौन से नंबरों की लोकेशन झारखंड और बिजनौर में मिलती रहती है, उन्हें रडार पर रखा गया है।
फिलहाल कुछ नंबरों की कुंडली खंगाली जा रही है। जानकारी मिली है कि कुछ और आरोपी झारखंड और बिहार से नौकरी दिलाने के नाम पर यहां ले आते हैं और खरीद फरोख्त करते हैं। इसमें जल्द ही सफलता मिलेगी। ..डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी सिटी