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Bijnor: पुलिस के रडार पर मानव तस्करी करने वाले ठेकेदार, इन दो राज्यों में फैला है नेटवर्क

Wed, 03 Aug 2022 01:30 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में मानव तस्करी का खुलासा होने के बाद पुलिस मानव तस्करी करने वालों की कुंडली खंगाल रही है। जांच पड़ताल में सामने आया है कि झारखंड और बिहार से किशोरों और मजदूरों की तस्करी जाती है।
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मानव तस्करी का पर्दाफाश। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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भले ही मानव तस्करी करने वाले गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई यहीं तक सीमित रहने वाली नहीं है। मानव तस्करी करने वाले और भी आरोपी पुलिस के रडार पर हैं। फिलहाल कई नंबरों की डिटेल खंगाली जा रही, जो कि झारखंड और बिहार से नौकरी दिलाने का झांसा देकर जिले में ले आते हैं और खरीद फरोख्त करते हैं।

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जिले में लगभग सभी गांव और भट्टों पर झारखंड और बिहार के रहने वाले किशोर और व्यस्क काम करते मिल जाएंगे। पिछले करीब बीस सालों से यह खेल चल रहा है। सूत्रों की मानें तो कुछ जगहों पर किशोरों से सालों तक काम लिया जाता है, बाद में पैसे देने के नाम पर भगा दिया जाता है। कई बार बंधुआ मजदूरी की खबरें भी मिलती रहती हैं। 

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पुलिस ने 28 जुलाई को मानव तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने 12 किशोर और 12 व्यस्क लोगों को बंधन मुक्त कराया।

सात आरोपियों के पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ कि जिले में पिछले कई सालों से यह खेल चल रहा है। बाकायदा लोग ठेकेदार बन चुके हैं जो कि बिहार और झारखंड से किशोरों और मजदूरों को झांसा देकर ले आते हैं। वहां उनके परिवारों को कुछ पैसा दे दिया जाता है। जबकि यहां आकर खरीद फरोख्त की जाती है।

पुलिस ने एक गिरोह पकड़ने के बाद नजर औरों पर भी दौड़ा दी है। पुलिस को कुछ नंबर हाथ लगे हैं जो कि तस्करी में लगे हुए हैं। इन नंबरों की सीडीआर और लोकेशन भी खंगाली जा रही है। कौन कौन से नंबरों की लोकेशन झारखंड और बिजनौर में मिलती रहती है, उन्हें रडार पर रखा गया है।
 
फिलहाल कुछ नंबरों की कुंडली खंगाली जा रही है। जानकारी मिली है कि कुछ और आरोपी झारखंड और बिहार से नौकरी दिलाने के नाम पर यहां ले आते हैं और खरीद फरोख्त करते हैं। इसमें जल्द ही सफलता मिलेगी। ..डॉ. प्रवीन रंजन सिंह, एएसपी सिटी
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