बिजनौर जिले के हीमपुर दीपा थाने के गांव मुबारकपुर खादर में जहरीला पदार्थ निगलने से हुई मौत के बाद बाबूराम (28), उसके पुत्र देवांश (5) और पुत्री हर्षिता (3) का रविवार को विदुर कुटी गंगा घाट पर एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। तीनों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब तीनों शव गांव पहुंचे, तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। तीनों शवों को अंतिम संस्कार के लिए विदुर कुटी गंगा घाट ले जाया गया। वहां तीनों शवों को एक ही चिता में रखा गया।
बाबूराम के छोटे भाई रिंकू ने चिता को मुखाग्नि दी। पुलिस जांच में सामने आया है कि बाबूराम का अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। वह अपने साले की शादी में भी नहीं गया था, जिससे उसकी पत्नी नाराज थी।
शुक्रवार को पत्नी और बच्चे ससुराल से वापस आए थे, जिसके बाद दोनों के बीच फिर से विवाद शुरू हो गया। शनिवार को बाबूराम ने दोनों बच्चों को बाल कटवाने के बहाने खेत पर ले जाकर जहर दे दिया और खुद भी निगल लिया। रविवार को पिता और बच्चों की अर्थी उठने से पूरे गांव में मातम पसर गया।
शादी के बाद से ही थी पत्नी से अनबन, ससुराल जाने से बचता था बाबूराम
बाबूराम की शादी करीब सात साल पहले गांव अकौंधा की रीता से हुई थी। बताया जाता है कि शादी के कुछ समय बाद से पति-पत्नी में अनबन रहने लगी। इसके चलते बाबूराम अपनी ससुराल जाने से बचता था।
साले की शादी में भी वह पत्नी और बच्चों को वहां छोड़कर अपने घर वापस आ गया था। पहले तो वह अपनी पत्नी को भी शादी में जाने से रोक रहा था लेकिन वह नहीं मानी। शादी बीतने के बाद बाबूराम की पत्नी का भाई और जीजा उसे ससुराल छोड़ गए थे लेकिन वे भी उसके घर नहीं आए थे। घटना के संबंध में पुलिस को कोई तहरीर नहीं दी गई।