विशेष लोक अभियोजक विनीश कुमार के अनुसार थाना हीमपुरदीपा के एक गांव निवासी एक महिला के पति की मौत होने पर गांव के ही व्यक्ति गुरमेर के साथ रहना शुरू कर दिया था। महिला के पहले पति से तीन बच्चे थे। गुरमेर से एक बेटा हुआ। तीन नवंबर 2018 को महिला अपने सबसे छोटे बेटे को लेकर मायके गई थी। पहले पति से तीन बच्चे घर पर ही थे।
आरोप है कि रात के समय गुरमेर शराब पीकर घर आया। उसने 11 साल की सौतेली बेटी को अपने कमरे में सुलाने की बात कहकर रोक लिया और अन्य दो बच्चों को दूसरे कमरे में सोने भेज दिया।
रात को गुरमेर ने 11 साल की अपनी सौतेली बेटी से दुष्कर्म किया। बालिका के चीखने चिल्लाने पर उसके दोनों भाई-बहन आए तो गुरमेर ने उन्हें यह कहकर कमरे से भेज दिया कि उनकी बहन को डर लग रहा है। इस वजह से वह चिल्ला रही है।
बच्ची की हालत बिगड़ने पर गुरमेर ने सौतेली बेटी की दुष्कर्म करके गला घोंटकर हत्या कर दी। वह उसके शव को गांव के पास नहर में डाल आया। सुबह जब बालिका की तलाश शुरू हुई तो गुरमेर भी उसे खोजने के लिए निकला। वह उसका शव नहर से गांव वालों के साथ उठाकर लाया।
बाद में शक होने पर वह गांव से भाग गया था। किशोरी के पोस्टमार्टम में बलात्कार की पुष्टि हुई थी। कोर्ट ने आरोपी गुरमेर को दुष्कर्म एवं हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।