बिजनौर में दंपती की हत्या का मामला सामने आया है। 50 मीटर के दायरे में दंपती के शव पड़े मिले हैं। महिला को धान के खेत से करीब 20 फीट तक खींच कर गीता को गन्ने के खेत में ले जाया गया। पानी और कीचड़ में खींच कर ले जाने के निशान बने हुए हैं।
बिजनौर के नूरपुर के गांव पुरैना में घास काटने खेत में गए प्रवेंद्र (35) और उसकी पत्नी गीता (32) की हत्या कर दी गई। गीता का शव गन्ने के खेत में और प्रवेंद्र का शव पचास मीटर की दूरी पर पड़ा मिला। ग्रामीणों ने करीब तीन घंटे तक हंगामा करते हुए शवों को नहीं उठने दिया।
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बुधवार की सुबह बच्चों को स्कूल भेजकर प्रवेंद्र अपनी पत्नी गीता के साथ खेत में घास काटने के लिए चला गया। दोपहर में तीन बजे तक दंपती के नहीं लौटने पर परिवार के लोग तलाश करने गए।
धान के खेत में बेल के पेड़ के नीचे प्रवेंद्र का शव पड़ा मिला। जिसके गले पर इंजेक्शन लगाने जैसा निशान बना था। तलाश करने पर गीता का शव पचास मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत में मिला।
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इसके गले पर भी इंजेक्शन लगाने का ही निशान था। पुलिस का मानना है कि गीता की हत्या के बाद पति को मारा है। ग्रामीणों ने पुलिस को पोस्टमार्टम के लिए शव नहीं उठाने दिए। करीब तीन घंटे तक ग्रामीण हंगामा करते रहे।
काफी समझाने और कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने किसी तरह शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सीओ देश दीपक ने बताया कि फिलहाल हत्या का मामला मानकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। अभी किसी भी तरह की आशंका और आरोप को नकारा नहीं जा सकता है।
आठ साल के बेटे ने सबसे पहले खेत पर जाकर देखा पिता का शव
दोहरे हत्याकांड को लेकर गुत्थी उलझी हुई है। हत्या किस तरीके से की गई यह साफ नहीं हो पा रहा है लेकिन घटनास्थल पर महिला को घसीट कर ले जाने के निशान मिले हैं। संभवतः बाल पड़कर महिला को गन्ने के खेत में खींचा गया। प्रवेंद्र और उसकी पत्नी गीता सुबह करीब नौ बजे धान के खेत में घास काटने के लिए गए थे।
बेटा ऋतिक जो कक्षा तीन में पढ़ता है वह भी अपनी बहन के साथ स्कूल चला गया। भाई-बहन छुट्टी के बाद घर लौटे तो मम्मी-पापा घर नहीं मिले। करीब 3:30 रितिक अपने मम्मी-पापा को तलाश करने के लिए जंगल की ओर चला गया।
जिसने धान के खेत के पास ही अपने पिता प्रवेंद्र का शव पड़ा देखा तो वह सहम गया और डरकर घर की ओर दौड़ा। घर आकर उसने परिवार वालों को रोते हुए पूरी बात बताई, जिसके बाद परिवार के लोग और तमाम गांव वाले घटनास्थल पर पहुंचे।
शुरुआत में उन्होंने समझा कि सांप के काटने से शायद प्रवेंद्र की मौत हो गई है। जिसके चलते प्रवेंद्र के शव को उठाकर घर ले आए। इसके बाद उसकी पत्नी को तलाशा गया। धान के खेत के पास ही गन्ने के खेत में उसकी पत्नी गीता का शव पड़ा मिला। लोगों का कहना है कि धान के खेत से करीब 20 फीट तक खींच कर गीता को गन्ने के खेत में ले जाया गया।
पानी और कीचड़ में खींच कर ले जाने के निशान बने हुए हैं। यह भी अनुमान लगाया गया कि उसे बाल पड़कर खींचा गया था। बालों में लगाई जाने वाली क्लिप भी करीब 20 कदम दूर पड़ी मिली। इतना ही नहीं जिस जगह महिला का शव पड़ा हुआ था वहां आरोपियों से बचने के लिए संघर्ष भी किया।
संघर्ष की कहानी को शव के आसपास कीचड़ में बने हुए निशान बयां कर रहे थे। गीता का शव मिलने के बाद हत्या किए जाने की आसान का प्रबल हो गई। क्योंकि पति-पत्नी दोनों की एक साथ मौत सामान्य नहीं हो सकती। तब परिवार वालों को समझ में आया कि प्रवेंद्र की मौत शुरुआत में सर्पदंश से होना समझ रहे थे वह भी हत्या ही थी।