सूत्रों के मुताबिक बसपा हाईकमान ने पार्टी पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि कोई भी चंद्रशेखर के कार्यक्रम में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हिस्सा नहीं लेगा। बसपा से निष्कासित पूर्व मंत्री दद्दू प्रसाद, जिले के पूर्व विधायक मोहम्मद गाजी चंद्रशेखर की रैली के समर्थन में हैं। सुत्रों के मुताबिक ये दोनों नेता चंद्रशेखर के सहारे किसी दल में जाने के लिए अपना आधार बना रहे हैं। चंद्रशेखर की रैली को सफल बनाने के लिए मोहम्मद गाजी तो जनसंपर्क भी कर रहे हैं।
जिले भर में लगाए गए रैली के पोस्टर
बसपा सुप्रीमो मायावती को अपनी बुआ बताने वाले चंद्रशेखर के जिले में लगाए गए पोस्टर पर बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर, कांशीराम, शाहू जी महाराज के फोटो लगे हैं, लेकिन मायावती का फोटो बैनर से गायब है। किसी अन्य दल के नेता के फोटो भी बैनर पर नहीं लगे हैं। बसपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह के अनुसार बसपा का चंद्रशेखर की जनसभा से कोई मतलब नहीं है। बसपा सर्वसमाज की पार्टी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष डूंगर सिंह के अनुसार चंद्रशेखर की जनसभा में शामिल होने के लिए हाईकमान से कोई आदेश नहीं मिला है। हाईकमान के आदेश पर ही आगे कुछ बात होगी।
सपा के जिला प्रवक्ता अखलाक पप्पू के अनुसार चंद्रशेखर की रैली में शामिल होने संबंधी कोई जानकारी नहीं मिली है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष रोहित सागर के अनुसार हमारी रैली राजनीतिक नहीं बल्कि सामाजिक है। अगर कोई दल साथ नहीं आता है तो हमें इसकी परवाह नहीं है। भीम आर्मी समाज को जोड़ने का काम कर रही है।
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