फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ का बड़ा तेल माफिया एसआईटी के रडार पर, आरोपी राजीव जैन के साथ बताई साझेदारी   

Sun, 01 Sep 2019 11:17 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
नकली पेट्रोल-डीजल - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मेरठ में तेल के काले कारोबार में एक बड़े तेल कारोबारी के बेटे का नाम जांच में शामिल हो गया है। इसके पीछे तेल माफियाओं की भी आपसी गुटबाजी को देखा जा रहा है। क्योंकि यह तेल माफिया नकली तेल के कारोबार का सबसे बड़ा कारोबारी है। बावजूद इसके पूरे मामले में अभी तक यह बचा हुआ था। लेकिन एक गोपनीय पत्र ने इस तेल माफिया को भी एसआईटी के रडार पर ला दिया है।  

विज्ञापन


यह भी पढ़ें:  मेरठ पहुंचे प्रदेश के आबकारी मंत्री रामनरेश, कहा- अवैध शराब के कारोबार पर शिकंजा कसना जरूरी

तेल के काले कारोबार से यह माफिया पिछले तीन दशक से जुड़ा है। पहले बागपत जनपद में यह मिलावट के तेल का काम करता था। साल 1992 में इसी मिलावटी तेल मामले पर इस पर मुकदमा भी दर्ज हुआ। इस तेल माफिया के ऊपर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ, तो जेल गया।

विज्ञापन

इसके बाद यह तेल माफिया मेरठ आ गया और यहां पर एक पुलिस के तत्कालीन आला अधिकारी जो कि प्रदेश के उच्च पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके संरक्षण में इसने नकली और मिलावटी तेल का कारोबार धड़ल्ले से शुरू कर दिया।

मिलावटी तेल के कारोबार से इतना मोटा धन कमाया कि यह कालोनाइजर हो गया। इसके पास 20 से अधिक टैंकर हैं। टीपीनगर व परतापुर क्षेत्र में इसने जमीन खरीदी और वहां पर जमीन में टैंकर दबाकर नकली तेल के कारोबार को और बढ़ा दिया। 

अपने कारोबार को कागजों में भी इसने मजबूत करने के लिए फर्जी कंपनी बनाई और उस पर साल्वेंट, डीजल व केरोसिन ऑयल आदि खरीद फरोख्त इसके माध्यम से करने लगा। इस दौरान इसने जहां थाना टीपीनगर क्षेत्र में पांच बेशकीमती कोठियां खरीदीं तो वहीं रुड़की रोड पर 30 बीघा जमीन पर कॉलोनी विकसित की।

यह तेल माफिया एक कस्बे में चेयरमैन का चुनाव भी लड़ा। लेकिन हार गया। इसके साथ ही मेरठ व मुजफ्फरनगर में पेट्रोल पंप इस तेल माफिया ने खरीदे हैं। इस समय इस तेल माफिया के पास 15 से अधिक लग्जरी कारें और 500 करोड़ से अधिक की संपत्ति बताई गई है।
विज्ञापन

पुलिस ने दे रखे हैं गनर 
अहम बात ये है कि उक्त तेल माफिया हत्या का आरोपी रह चुका है। लगातार तेल की कालाबाजारी में इसका नाम चर्चा में रहा है। बावजूद इसके पुलिस-प्रशासन ने इसे गनर दे रखे हैं। इसके पीछे उसी प्रदेश के पूर्व आला पुलिस अधिकारी का दबाव बताया जा रहा है। लेकिन सवाल ये उठता है कि शासन एक तरफ जहां सरकारी सुरक्षा देने में लगातार कटौती कर रही है, वहीं इस व्यक्ति को इतनी सुरक्षा कैसे प्रदान कर रखी है। 
राजीव जैन के साथ बेटा शामिल
पुलिस ने 20 अगस्त को जिस राजीव जैन की केमिकल फैक्टरी में नकली तेल के कारोबार को पकड़ा था। उस राजीव जैन के साथ इस तेल माफिया के बेटे की पार्टनरशिप बताई जा रही है। एसआईटी टीम ने इस सूचना के बाद अपनी जांच में इस तेल माफिया और उसके बेटे को शामिल कर लिया है। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें