मवी कलां में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर लगा फौव्वारा
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के सामने विपक्ष महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ना चाहता है। लेकिन इसकी चॉबी सपा-बसपा के हाथ हैं। दोनों ने अभी तक कांग्रेस और रालोद को लेकर स्पष्ट बयान नहीं दिए हैं। अब सवाल सियासी गणित का है। महागठबंधन में कांग्रेस-रालोद शामिल नहीं हुए तो कैराना और नूरपुर में त्रिकोणीय मुकाबला होगा। भाजपा के सामने सपा-बसपा और कांग्रेस-रालोद चुनौती देंगे।
अभी उलझा हुआ है प्रत्याशियों की घोषणा का गणित
महागठबंधन में सीट रालोद के हिस्से आई तो कैराना से जयंत चौधरी चुनाव लड़ेंगे। लेकिन रालोद-कांग्रेस के गठबंधन चुनाव में उतरा तो जयंत मैदान में नहीं होंगे। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इमरान मसूद और शामली के पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, सपा बसपा गठबंधन प्रत्याशी के तौर पर पूर्व मंत्री एवं एमएलसी वीरेंद्र सिंह और पूर्व सांसद तब्बसुम भी मजबूत दावेदार हैं। भाजपा ने स्वर्गीय हुकुम सिंह की बेटी मृगांका सिंह को प्रत्याशी घोषित किया है। रालोद के कुछ नेता जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी को भी उनके मुकाबले पर खड़ा करना चाहते हैं, लेकिन इस पर छोटे चौधरी ने सहमति नहीं जताई। शुक्रवार तक गठबंधन, महागठबंधन और प्रत्याशियों पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद जताई जा रही है। बृहस्पतिवार को दिल्ली में रालोद के रणनीतिकारों ने मंथन किया है।
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