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कोर्ट में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम

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कोर्ट में बड़ी वारदात की साजिश नाकाम
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बिजनौर। मुजफ्फरनगर में कोर्ट रूम छह साल पहले हुए विक्की त्यागी हत्याकांड को दोहराने की साजिश बिजनौर में रची गई, बदमाश वारदात को अंजाम दे पाते, उससे पहले ही पुलिस जजी के बाहर खड़ी स्कार्पियो कार से असलहा के साथ छह बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। यहां बदमाशों के निशाने पर किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान थे, जो गोकशी और गैंगेस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में समर्पण करने आए थे। पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उन्हें शाहनवाज गैंग के सरगना शाहआलम ने मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल करके बुलाया था और बदमाशों ने पकड़े जाने से पहले जजी के अंदर रैकी की थी। पुलिस फरार शाहआलम व उसके भाई की तलाश में जुटी है। इसके पकडे़े जाने के बाद ही पूरे प्लान की तस्वीर साफ हो पाएगी।
पकड़े गए छह बदमाशो से पुलिस ने छह तमंचे 25 कारतूस , छह फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। एसपी सिटी प्रवीन रंजन सिंह के मुताबिक पुलिस ने बुधवार को जजी के बाहर से स्कार्पियों में सवार नजीबाबाद के गांव कनकपुर निवासी सुहेल आलम, गांव मौजमपुर सादात निवासी संदीप, अमरपाल उर्फ भूरे, मंडावली थाने के गांव जटपुरा बोंढा निवासी कौशल, नगीना देहात थाने के गांव आमला निवासी रियाजुददीन गांव कोटकादर निवासी अकरम को दबोच लिया हैं। पकड़े गए बदमाश किसी बड़ी घटना को अंजाम देने आए थे। बदमाशों की कार में नए कपड़ों के साथ टूटपेस्ट व अन्य सामान भी था। इससे साफ जाहिर है कि बदमाश घटना को अंजाम देने की पूरी तैयारी के साथ आए थे। फरारी के दौरान किसी सामान की कमी न हो ,इसका पूरा इंतजाम उन्होंने कर रखा था। पकडेे़े गए रियाजुददीन ने बाकी बदमाशों का इंतजाम किया था। एक साथ किसी बारात में जाने की बात की थी। सवेरे ही सब को लेकर आ गए थे। किरतपुर नगर पालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान के बाग में 18 सितंबर 2020 को पुलिस ने छापा मारकर गोकशी पकड़ी थी। इस मामले में गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई थी। अब्दुल मन्नान पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मन्नान हाईकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर स्टे ले आया था। गैंगेस्टर के मामले में उसने समर्पण किया।
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कुछ करना है.. आदमी लेकर आ जाना
गांव कनकपुर निवासी शाहआलम ने अपने छोटे भाई पकड़े गए सुहैल को व्हाट्सएप पर कॉल करके जजी के बाहर बुलाया था और कहा था कि कुछ करना हैं, आदमी लेकर आ जाना। इसके पीछे शाहआलम का क्या मकसद था। यह शाहआलम व उवैस के पकड़े जाने के बाद पता चलेगा। कार में सवार बदमाशों ने जजी की पूरी रैकी की थी। जजी की सीसीटीवी फुटेज में ये बदमाशा जजी में घूमते दिखाई दे रहे हैं। जजी की ये ऊपर तक गए। शाहआलम की मुकदमे की तारीख था। वह तारीख पर नही गया उसने अपने वकील से हाजिरी माफी लगवाई । पकड़े गए बदमाशों ने पुलिस को बताया कि वह शाहआलम की सुरक्षा के लिए आए थे। लेकिन पुलिस के गले यह बात इसलिए नहीं उतर रही है, उसने हाजिरी माफी लगवा ली थी।
ये था विक्की त्यागी हत्याकांड
कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी 16 फरवरी 2015 को मुजफ्फरनगर कोर्ट में पेशी पर आया था। इस दौरान अधिवक्ता की ड्रेस में पहले से मौजूद सागर मलिक और उसके भाई सौरभ मलिक ने उसकी कोर्ट रूम में ही गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पकड़े गए बदमाशों में था एक अधिवक्ता की ड्रेस में
बिजनौर। शाहआलम गैंग के निशाने पर किरतपुर के चेयरमैन अब्दुल मन्नान थे। वह बुधवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण करने आए थे। शाहआलम का फरार भाई उवैस अधिवक्ता की ड्रेस में था। उसे कोई पहचानता नहीं था। वह काला कोट व काली पेंट पहने था। उसकी कमर पर पिटठू बैग लटका था, जिसमें हथियार थे। सीसीटीवी में वह अधिवक्ता की वर्दी में बैग ले जाता साफ दिखाई दे रहा हैं। सूत्रों के मुताबिक मन्नान का भांजा उवैस को जानता था। उसने उसे पहचान लिया, तब जाकर हल्ला मचा, समर्पण करने आए अब्दुल मन्नान एक चैंबर में जा घुसे। पुलिस मौके पर पहुंची और बदमाशों को दबोच लिया। संवाद
दोनों और से चल सकती थी गोली
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अब्दुल मन्नान के साथ में कई लोग थे। जजी में गैंगवार के चलते गोली चलती तो बड़ी घटना हो जाती। दोनों तरफ से लोग पूरी तैयारी के साथ आ थे। गनीमत रही कि शाहआलम के बुलाए लोग पहले ही पकड़े गए वरना बड़ी घटना जजी में फिर से हो जाती।
रंजिश में हो चुकी है तीन लोगों की हत्या
बिजनौर। शाहनवाज गैंग ने 28 मई 2018 को नजीबाबाद में प्रॉपर्टी के विवाद में प्रॉपर्टी डीलर बसपा नेता हाजी अहसान व उनके भांजे शादाब की उनके ऑफिस में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हाजी अहसान चेयरमैन अब्दुल मन्नान का बहनोई था। दिल्ली पुलिस ने अहसान की हत्या में शामिल शाहनवाज व अब्दुल जब्बार समेत कई लोगों को एक अन्य मामले में गिरफ्तार किया था।18 दिसंबर 2019 को पुलिस शाहनवाज व अब्दुल जब्बार को सीजेएम कोर्ट में लाई थी। कोर्ट में ही शाहनवाज की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। संवाद
- इस बात की भी जांच की जा रही है कि शाहआलम की तारीख की के दिन अब्दुल मन्नान भी समर्पण करने पहुंचे। शाहआलम गैंग तक ये सूचना पहले से कैसे पहुंची? किसने उन्हें बताया? दरोगा जर्रार हुसैन और धमेंद्र सिंह की बदौलत बड़ी घटना होने से बच गई।
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-प्रवीण रंजन सिंह, एसपी सिटी
अब्दुल मन्नान को मिली जमानत
बिजनौर। गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश वीके वासवानी ने गैंगस्टर के मामले में किरतपुर नगर पालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। उन्होंने अब्दुल मन्नान को 50-50 हजार रुपये के दो जमानती दाखिल करने और 50 हजार के निजी मुचलके पर छोड़ने के आदेश दिए हैं। अब्दुल मन्नान पर गोकशी के एक मुकदमे में गैंगस्टर लगाई गई थी। इस मामले में उन्हें हाईकोर्ट से स्टे मिला हुआ है। गैंगस्टर के मामले में उन्होंने बुधवार को कोर्ट में सरेंडर किया था।
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