लोकसभा चुनाव में दो लाख से अधिक वोट पाकर पश्चिम उप्र में बसपा की जमानत बचाने वाले विजेन्द्र सिंह अकेले प्रत्याशी रहे। मतगणना के बाद चुनाव का परिणाम आते ही विजेन्द्र सिंह के बसपा छोड़ने की चर्चा तेज हो गई थी। राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह भी है कि वह काफी समय से रालोद मुखिया के करीब हैं।
उपचुनाव में वह रालोद के टिकट से भाग्य आजमा सकते हैं। उधर, विजेन्द्र सिंह ने लोकसभा का टिकट देने पर बसपा सुप्रीमो का आभार जताया है। चौधरी विजेन्द्र सिंह का कहना है कि शीघ्र ही अपने समर्थकों के साथ बातचीत करके अगला कदम उठाएंगे।
इन्होंने अभी तक किसी अन्य पार्टी में जाने का खुलासा नहीं किया है। इनके इस्तीफे से बसपा को बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि बसपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष शाहजहां सैफी का कहना है कि इनके पार्टी छोड़ने से बसपा को काई नुकसान होने वाला नहीं है।