मेरठ महानगर में अवैध रूप से यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। जांच के दौरान अभी तक सैड़कों अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स पाए जा चुके हैं। नगर निगम ने ऐसी ही चार विज्ञापन एजेंसियों पर कार्रवाई करते हुए 52.80 लाख रुपये जुर्माना किया है। आठ दिनों में विज्ञापन पट स्वयं उतारने की चेतावनी दी गई है। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम यूनिपोल और होर्डिंग्स को उतारकर जब्तीकरण की कार्रवाई करेगा।
महानगर में काफी लंबे समय से अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाने का कारोबार खूब हो रहा है। निजी भवनों, निजी जमीन के अलावा सरकारी भवनों, भूमि पर भी यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं। मुंबई के घाटकोपर में हुए होर्डिंग्स हादसे के बाद शासन ने भी पूरे प्रदेश में अवैध रूप से लगे यूनिपोल और होर्डिंग्स के खिलाफ कार्रवाई निर्देश सभी निकायों को दिए। इसके बाद नगर निगम ने इस ओर कार्रवाई की।
पहले जांच की गई तो महानगर में सैकड़ों की संख्या में अवैध रूप से लगाए गए यूनिपोल और होर्डिंग्स मिले। जिस पर यूनिपोल और होर्डिंग्स लगाने वाली विज्ञापन एजेंसियों को नोटिस जारी किए गए। अब जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
अपर नगरायुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि जांच के उपरांत चार विज्ञापन एजेंसियों पर 52.80 लाख रुपये जुर्माना किया गया है। इनमें मैसर्स अभिनव एडवरटाइजिंग एजेंसी पर 13.80 लाख रुपये, मैसर्स ओशियन एडवरटाइजिंग सोल्यूशन पर 9.60 लाख रुपये, मैसर्स हीरा एडवरटाइजिंग पर 21.00 लाख रुपये और मैसर्स आरएस एटरप्राइजिज पर 8.40 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। सभी को आठ दिनों में अपने विज्ञापन पटो को स्वयं उतारने के आदेश दिए गए हैं। ऐसा नहीं करने पर नगर निगम संपत्तियों की जब्तीकरण करेगा।
लोगों ने की नाला निर्माण बंद कराने की मांग
कुछ लोगों ने महापौर और नगरायुक्त को ज्ञापन देकर सुभाषनगर में बनाए जा रहे नाला निर्माण का काम बंद कराने की मांग की है। सुभाषनगर पूर्व शेखलाल निवासी सामाजिक कार्यकर्ता सुभाष जाटव, मोहम्मद यामीन, सोनू सैफी, राहुल जाटव, पूर्व पार्षद अफजाल सैफी, सपा नेता आफाक इम्तियाज, सनी लोधी, पप्पू खान, कल्लू, आरिफ चौहान, सिराज ने महापौर और नगरायुक्त को दिए ज्ञापन में अवगत कराया कि वार्ड नंबर 29 के अंतर्गत पूर्वा तकीहुसैन के सामने से हाशिमपुरा पुलिस चौकी के पीछे से लेकर सुभाष नगर गली नंबर एक की पुलिया तक बाएं साइड में पिछले 30-35 वर्षों से कुछ लोग ठेले लगाकर अपना जीवन यापन कर रहे थे।
उनको बेरोजगार करने के लिए भाजपा के कुछ नेताओं द्वारा नगर निगम के अधिकारियों को गुमराह करके और नगर निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के लिए अवैध रूप से नाला का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी वहां आवश्यकता नहीं है।