चार बच्चों की परवरिश करना मुश्किल हो रहा था। उसकी बहन उमा ने बच्चे को किसी निसंतान दंपती को गोद देने सलाह दी थी। इसके बाद बहन ने अपने एक परिचित बैंककर्मी से बात कराई। बैंककर्मी ने अपने मोदीनगर निवासी ललित गुप्ता और उनकी पत्नी लता के साथ बच्चे का सौदा करा दिया।
गोद से जुदा हुआ मासूम तो तड़प उठी लता
मंगलवार सुबह छह बजे ही मेडिकल थाना पुलिस बच्चे को यहां लेेकर पहुंची थी। दोपहर तक लता ही बच्चे को गोद में लिए बैठी रही। वह बच्चे को मां की तरह दुलार कर रही थी। पुलिस की कार्रवाई पूरी होने के बाद जब महिला पुलिस ने बच्चे को लता की गोद से लिया तो वह तड़प उठी और उसकी आंखें भर आईं। लता ने रोते हुए कहा कि शायद चंद घंटों की खुशी ही उसके नसीब में थी। उसके पास यह मासूम एक रात में ही उससे छिन गया।
12 साल पहले हुई थी शादी, नहीं हुआ कोई बच्चा
मोदीनगर निवासी लता पत्नी ललित ने बताया कि उनकी शादी को 12 साल बीत चुके हैं। अब तक उन्हें कोई बच्चा नहीं है। पति सब्जी विक्रेता हैं। वह कई जगह बच्च्चा गोद लेने की बात कर चुके थे। पांच-छह दिन पहले ही पति के दोस्त खत्ता रोड मेरठ निवासी व्यक्ति ने उन्हें बच्चा गोद दिलाने की बात कही थी।
इस पर हामी भर दी। सोमवार को उन लोगों ने दीपा से बच्चा लिया था। शाम छह बजे ही वह लोग अपने घर पहुंचे थे। वह लोग ठीक से बच्चे का दुलार भी नहीं कर सके थे कि आधी रात में ही पुलिस का फोन आ गया और बच्चे को वापस लाने के लिए कहा गया। उनकी खुुशियां फिर से छिन गईं।