फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भीम आर्मी का नया ऑडियो वायरल, चंद्रशेखर सोशल मीडिया से दे रहा आंदोलन को धार

Tue, 16 May 2017 02:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
विज्ञापन
भीम आर्मी का नया ऑडियो वायरल
विज्ञापन
सहारनपुर में नौ मई की घटना के लिए पुलिस द्वारा जिम्मेदार माने जा रहे भीम आर्मी भारत एकता मिशन का संस्थापक एडवोकेट चंद्रशेखर आजाद अंडरग्राउंड होकर सोशल मीडिया के जरिये अपने आंदोलन को धार दे रहा है। उसने नया ऑडियो जारी कर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि भीम आर्मी किसी जाति नहीं, बल्कि दलितों पर होने वाले जुर्म के खिलाफ है। उसने खुद के संगठन के नक्सली या आतंकी कनेक्शन की चर्चाओं की निंदा की। इतना ही नहीं, उसने अपनी लड़ाई को दलितों के साथ ही पिछड़ों और मुस्लिमों की बात कर उन्हें भी अपने आंदोलन से जोड़ने की कोशिश की है। दलितों से 21 मई को दिल्ली पहुंचने की भी अपील की है।
विज्ञापन
Trending Videos

दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों से एकजुट होने की अपील की

भीम आर्मी संस्थापक एडवोकेट चंद्रशेखर
करीब 15 मिनट के ऑडियो में चंद्रशेखर कह रहा है कि कुछ लोग यह कह रहे हैं कि वह डर गया है और छुप गया है। मगर वह यह देख रहा है कि कैसे अपने समाज के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने वाले व्यक्ति को प्रशासन और पुलिस नक्सली और आतंकी बना देती है। इसके लिए उसने दुख व्यक्त किया है। वह उत्पीड़न के खिलाफ दलितों, मुस्लिमों और पिछड़ों से एकजुट होने की अपील भी की है। आरोप लगाया है कि शब्बीरपुर में 56 घरों को जलाने वालों और महिलाओं व बच्चों से मारपीट करने वालों पर डीआईजी, डीएम और एसएसपी ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि कार्रवाई कर दी जाती तो नौ मई की घटना न होती। नौ मई की घटना से पहले गांधी पार्क में जमा दलितों पर पुलिस और भगवाधारियों द्वारा मारपीट करने और गोली चलाने का आरोप भी लगाया है। कहा है कि डीएम दलितों पर फायरिंग करने के चार बार आदेश देता है। इसी से जाना जा सकता है कि सरकार भगवाधारियों को बचाने के लिए भीम आर्मी को दबाना चाहती है। उसने देश भर में रह रहे दलितों से प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन भेजने की अपील की है। साथ ही 21 मई को दिल्ली में जंतर-मंतर पर पहुंचकर संविधान के दायरे में रहते हुए धरना देने की अपील की है।

जांच हो तो जनहित के कार्यों की भी हो

सहारनपुर में हुआ था भारी बवाल
भीम आर्मी गरीब बच्चों की पढ़ाई, गरीब बहनों की शादी और जरूरतमंदों की जिंदगी बचाने के लिए ब्लड डोनेशन कैंप लगाती रही है। उसने मीडिया से अपील की है कि वह भीम आर्मी द्वारा अब तक कराए गए जनहित के कार्यों की जांच करने के बाद ही उसे और भीम आर्मी को नक्सली घोषित करे। अपने ऑडियो में उसने सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है, अधिकार तो छीने जाते हैं... आदि शेरों का भी इस्तेमाल किया है।
विज्ञापन

...तो जेल भरो आंदोलन करेंगे दलित

सहारनपुर में बवाल हुआ था
भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन सिंह ने भी बयान जारी किया है। इसमें उन्होंने भीम आर्मी की तुलना नक्सलियों से करने की निंदा की। कहा कि संगठन संविधान के दायरे में रहकर अधिकारों की लड़ाई लड़ता है। संगठन द्वारा अभी तक कराए गए जनहित के कार्यों का भी जिक्र किया है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने निर्दोष दलितों पर कार्रवाई करना बंद नहीं किया और गिरफ्तार किए गए युवकों को नहीं छोड़ा तो दलित समाज शांतिपूर्वक जेल भरो आंदोलन करेगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें