भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण
सहारनपुर हिंसा के आरोपी भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण पर प्रशासन ने रासुका के तहत कार्रवाई कर दी है। जेल में ही रासुका तामील करा दी गई है। इसके साथ ही चंद्रशेखर के बाहर आने के रास्ते बंद हो गए हैं। उसे बृहस्पतिवार को ही हाईकोर्ट से चार मामलों में जमानत मिली थी।
सहारनपुर में 9 मई को हुई जातीय हिंसा के आरोपी भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर शुक्रवार को रासुका लगा दी गई। चंद्रशेखर पर रासुका की कार्रवाई तो काफी पहले से ही चल रही थी, लेकिन प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट से पांच में से चार मामलों में जमानत होने के बाद रावण की जेल से बाहर आने की उम्मीद होने लगे थी। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने जमानत होते देख बृहस्पतिवार को ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत निरुद्ध करने की कार्रवाई पूरी कर डाली और शुक्रवार को सुबह जेल में ही चंद्रशेखर को रासुका तामील करा दी गई। जिससे चंद्रशेखर के फिलहाल जेल से बाहर आने का रास्ता अब बंद हो चुका है।
बृहस्पतिवार को मिली थी जमानत
8 जून को हिमाचल के डलहौजी से गिरफ्तार भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर उर्फ रावण तभी से ही जेल में बंद है। चंद्रशेखर पर कोतवाली देहात में 19 मामले दर्ज थे। जिन्हें छह प्रमुख मामलों में मर्ज कर दिया गया था। एक मामले में उसी समय कोर्ट से जमानत हो चुकी थी। पांच मामलों में सुनवाई चल रही थी। पांच में से 4 मामलों में बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने जमानत मंजूर कर ली। सिर्फ एक मामले में सुनवाई होनी थी। सहारनपुर कोर्ट में 6 नवंबर की तारीख लगी है। जिसमें जमानत कराने का प्रयास किया जाना था।
एनएसए तामील करा दिया गया : एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार का कहना है कि एनएसए की कार्रवाई चल रही थी। बृहस्पतिवार को कार्रवाई पूरी करा दी गई थी। सुबह तामील करा दिया गया है।
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