भीम आर्मी के कार्यक्रम में दो पूर्व डीजीपी भी शामिल रहे, जिन्होंने मंच पर अपनी बात भी रखी। इनमें यूपी के पूर्व डीजीपी एसआर दारापुरी और हिमाचल के पूर्व डीजीपी पृथ्वीराज शामिल रहे। महाराष्ट्र से अधिवक्ता और प्रदेश प्रभारी माधव पंवार, दिल्ली से अधिवक्ता और प्रदेश प्रभारी सुरजीत सिंह ने शिरकत की। मेरठ कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. सतीश प्रकाश, मेरठ से ही डॉ. सुशील गौतम, दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉ. सरोज गिरि, दिल्ली से ही संजीव माथुर, दिल्ली से ही अर्चना सिंह भी अपने साथियों के साथ पहुंची थीं। इनके अलावा उत्तराखंड से प्रदेश प्रभारी महक सिंह, हरियाणा से प्रदेश प्रभारी पृथ्वीराज ने अपने साथियों के साथ सम्मेलन में शिरकत की और अपनी बात रखी।
जमीयत उलमा ए हिंद ने भी की शिरकत
सम्मेलन के लिए जमीयत उलमा ए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरशद मदनी को भी निमंत्रण भेजा गया था। मगर व्यस्तता के चलते वह शरीक नहीं हो सके, मगर उन्होंने अपने प्रतिनिधि के तौर पर मुफ्ती अहमद को भेजा। उन्हें मंच पर आसीन किया गया। मुफ्ती अहमद ने बुलावे के लिए भीम आर्मी का आभार जताया और अन्याय के खिलाफ हर लड़ाई में भीम आर्मी को हर तरह से सपोर्ट करने का ऐलान किया। उन्होंने सम्मेलन में अरशद मदनी का संदेश भी पढ़कर सुनाया गया।
भाजपा पर जमकर बरसे वक्ता
सम्मेलन को संबोधित करने वाले लगभग सभी वक्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी और उसकी सरकारों पर जमकर भड़ास निकाली। वक्ताओं ने भाजपा राज में जंगलराज होने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा सरकार में दलितों और मुस्लिमों का सबसे अधिक उत्पीड़न हुआ है। इतना ही नहीं, वक्ताओं ने बिना नाम लिए बसपा सुप्रीमो मायावती और बसपा के नेताओं पर भी भड़ास निकाली और समाज को बेचने वाली पार्टी करार दिया।
बीएसएफ के परिवार का नाम तक नहीं
भीम आर्मी का कार्यक्रम चंद्रशेखर की रिहाई और बीएसएफ जवान के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आवाज उठाने पर आधारित था। मगर सभी वक्ताओं ने चंद्रशेखर के लिए तो आवाज उठाई, मगर बीएसएफ के जवान और उसके पीड़ित परिवार का कहीं जिक्र तक नहीं हुआ।
महापुरुषों के बीच फूलन देवी का भी फोटो
सम्मेलन के लिए मैदान पर टेंट लगा था, जिस पर चारों ओर महापुरुषों के फोटो लगाए गए थे। इन महापुरुषों में महात्मा गौतम बुद्ध, संत गुरु रविदास, महर्षि वाल्मीकि, गुरु नानक देव, संत कबीर दास, नारायण गुरु, सूबेदार रामजी सकपाल, डॉ. भीमराव अंबेडकर, ज्योतिबा फूले, शहीदे आजम भगत सिंह, अशफक उल्ला खान, पोरियर, वीर उधम सिंह, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, छत्रपति शाहूजी महाराज, वीरांगना झलकारी बाई, कांशीराम, वीर बिरसा मुंडा शामिल रहे। साथ ही रोहित वेमुला का फोटो भी इनके साथ लगा था। सबसे खास बात यह रही कि इन महापुरुषों में फूलन देवी का चित्र भी रहा।
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