गड़बड़ियों से विभाग को अवगत नहीं कराया। इसके अलावा वार्डन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बावजूद दस जून तक अपना स्पष्टीकरण भी नहीं दिया। ऐसे में समिति की संस्तुति पर उनकी संविदा समाप्त कर दी है। उधर, जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) आदित्य नारायण शर्मा ने दस जून को अपना स्पष्टीकरण दे दिया था। उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखने की तैयारी है।
सहारनपुर में नौकरी करने वाली महिला का नाम भावना निकलकर सामने आया है। बाकी हकीकत क्या है, यह पुलिस की जांच में सामने आएगा। मगर वार्डन और अन्य संबंधित ने अनेक चीजों को विभाग से छिपाया। इसी के चलते वार्डन की संविदा समाप्त की गई है। जिला समन्वयक पर कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। - रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए
मैं अकेली जिम्मेदार नहीं: वार्डन
वार्डन ललिता शर्मा का कहना है कि विभागीय अधिकारियों ने उन्हें बलि का बकरा बनाया है। गलती केवल उनकी नहीं है। चयन समिति भी इसके लिए जिम्मेदार है। जो नियुक्ति पत्र विद्यालय में आया था, उस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला बालिका शिक्षा समन्वयक के हस्ताक्षर थे। अनामिका को भेजा गया नियुक्ति पत्र पता गलत होने की वजह से वापस आ गया था। इसके बावजूद उसे नियुक्ति अधिकारियों ने ही दी थी।