मेरठ। भारतीय किसान यूनियन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कमिश्नरी पहुंचकर किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। कमिश्नरी का मुख्य द्वारा बंद किए जाने पर किसान सड़क पर ही तिरपाल बिछाकर बैठ गए। इसके बाद मुख्य द्वारा खोला गया। वहीं, कमिश्रनर के न मिलने पर भाकियू कार्यकर्ता डीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने, बिजली का निजीकरण न किए जाने आदि मांगों से संबंधित एक ज्ञापन अपर आयुक्त और एडीएम सिटी को सौंपा। समस्याओं का समाधान न होने पर किसानों ने 11 अगस्त को कमिश्नरी कार्यालय के बाहर ही पंचायत करने की बात कही।
भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर आदि वाहनों में सवार होकर मेरठ कालेज के सामने पहुंचे। यहां से एकत्र होने के बाद किसान संगठन के लोग नारेबाजी करते हुए कमिश्नरी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने किसानों की बिजली, पानी, स्वास्थ्य, मंडलायुक्त कोर्ट में पेंडिंग विवादों को निपटाने, बिजली का निजीकरण न किए जाने, फसल खरीद योजना बनाए जाने आदि मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मुख्य द्वारा पर ही उन्होंने धरना दिया। इस दौरान उन्होंने कमिश्नर से मिलने की मांग की, लेकिन कमिश्नर के मोदीपुरम में पौधरोपण कार्यक्रम में होने के कारण उन्होंने अपर मंडल आयुक्त अमित कुमार को 150 मांगों से संबंधित ज्ञापन दिया। इस दौरान करीब दो घंटे तक किसान यहीं डटे रहे। इसके बाद भाकियू कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और यहां धरने पर बैठ गए। किसानों ने जिला और प्रशासनिक स्तर की किसानों की समस्याओं को लेकर यहां प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने यहां जिला स्तरीय मांगों को उठाया और उनका समाधान करने की बात कही। जिलाधिकारी के न मिलने पर किसानों ने एडीएम सिटी बृजेश कुमार को ज्ञापन देकर मांगों को पूरी कराने को कहा। उन्होंने गांवों में सड़क निर्माण, तालाबों की सफाई आदि से संबंधित 50 से अधिक मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान किसानों ने कहा कि अगर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं कराया गया तो किसानों की ओर से 11 अगस्त को पंचायत की जाएगी। इस पंचायत में कमिश्नरी कार्यालय के चारों ओर आने वाले मार्गों को बंद कर दिया जाएगा। किसानों ने लगभग 4 घंटे तक जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान हर्ष चहल, मेजर सुरेंद्र, विपिन, सोनू, नीरज, अजय, उदयवीर, कपिल, मुकेश, प्रिंस, बादल आदि मौजूद रहे।
यह रहीं किसानों की प्रमुख मांग
एमएसपी गारंटी कानून बनाया जाए
बिजली का निजीकरण न किया जाए
प्रत्येक जनपद में फसल खरीद की योजना बनाई जाए
- स्मार्ट मीटर ग्रामीण क्षेत्रों में न लगाया जाए
ट्यूबवेल पर मीटर की व्यवस्था बंद की जाए
बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाए
गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंतल कराया जाए
मंडलायुक्त कार्यालय में हर तीसरे माह किसानों के साथ बैठक की जाए
किसान दिवस की बैठक में मंडलायुक्त के द्वारा समस्या सुनी जाए