भाकियू जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा कि किसान ही देश की जनता को आक्सीजन दे रहा है। एसी वालों के घरों में एक भी पेड़ नहीं मिलता है। फैक्टरी वालों ने सड़क किनारे गंदा पानी डालकर पेड़ों तक को सूखा दिया है, किसानों की जमीन बंजर कर दी। कहा कि छोईया और मालन नदी मर रही हैं। लेकिन प्रशासन को यह सब नहीं दिख रहा है।
प्रशासन ने मिल मालिकों के सामने सरेंडर कर रखा है। प्रदूषण से छोईया नदी का बुरा हाल है। किसानों ने कहा कि प्रदूषण फैला रही फैक्टरियों पर कार्रवाई, डिस्टलरी द्वारा गंदा पानी बहाने पर रोक व छोईया नदी समेत जिले की सभी नदियों के प्रदूषण मुक्त होने के बाद ही किसानों का आंदोलन खत्म होगा। ऐसा न होने तक आंदोलन चलता रहेगा। इस दौरान अतुल कुमार, दीपक तोमर, विजय सिंह, संदीप त्यागी, विकास कुमार, गुलशन सिंह, शोभाराम, कपिल कुमार आदि मौजूद रहे।