भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने गन्ना मूल्य नहीं बढ़ने पर जिले में 12 स्थानों पर चक्का जाम किया। किसानों ने गन्ने के दाम 450 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की। साथ ही पत्ती एवं पराली जलाने पर किसानों पर दर्ज मुकदमों को वापस करने की मांग उठाई। गन्ने की होली जलाकर विरोध जताया गया। जाम के दौरान यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
भाकियू (तोमर गुट) ने छपार और रामपुर तिराहा पर जाम लगाकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की। एक घंटे तक सभी वाहन जाम में फंसे रहे। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर भी धरने पर बैठे रहे। रामपुर तिराहा पर ब्लॉक अध्यक्ष बलराम ठाकुर के नेतृत्व में जाम लगाया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने कहा कि जब सरकारी कर्मचारी भत्ते व रिटायर्ड होने पर पेंशन लेता है तो किसानों को भी 60 वर्ष की उम्र के बाद पेंशन मिलनी चाहिए। गन्ने का मूल्य 450 रुपये क्विंटल करने, रुका हुआ भुगतान ब्याज सहित कराने, क्रय केंद्रों पर घटतौली बंद करने, गन्ना माफिया पर रोक लगाने की आदि की मांग की। पवन त्यागी, रामबीर तोमर, राममेहर तोमर, हबीब, ग्राम अध्यक्ष तोसीन त्यागी, उस्मान, अय्यूब मार्शल, रामपुर तिराहे पर मंडल अध्यक्ष जमीर अहमद, अनुज शर्मा, राजा, मौजूद रहे। छपार में नायब तहसीलदार योगेश त्यागी, छपार कोतवाली प्रभारी पवन शर्मा व रामपुर तिराहे पर सीओ मंडी हरीश भदौरिया व सदर कोतवाली प्रभारी अनिल कपरवान को ज्ञापन दिए गए।