शामली। जिला मुख्यालय और दिल्ली-शामली, सहारनपुर हाईवे को जोड़ने वाले भैंसवाल मिनी बाईपास का अंडर पास जून माह में चालू हो जाएगा। अंडरपास निर्माण के लिए दो सीमेंट के बॉक्स तैयार हो गए हैं। जल्द ही रेलवे लाइन की पटरी के अन्दर बॉक्स शिफ्ट कर दिए जाएंगे। अगले डेढ़ माह में रेलवे लाइन के दोनों ओर बाईपास तक अंडरपास का कार्य पूरा लिया जाएगा। भैंसवाल अंडरपास का निर्माण पूरा होने के बाद आम नागरिकों को शामली में नहीं जाना पड़ेगा। जिला मुख्यालय से थानाभवन, जलालाबाद और सहारनपुर जाने की राह आसान हो जाएगी।
नवीन जिला मुख्यालय से 3.5 किमी लंबाई और सात मीटर चौड़ाई के भैंसवाल बाईपास का निर्माण पुरा हो चुका है। भैंसवाल गांव के समीप रेलवे लाइन का अंडरपास का निर्माण पांच साल अधर में लटका हुआ था। लंबी प्रतीक्षा के बाद कैराना सांसद प्रदीप चौधरी के अथक प्रयास के बाद उत्तर रेलवे नई दिल्ली ने भैंसवाल अंडर पास का ठेका छोड़ दिया था। ठेकेदार की ओर से भैंसवाल अंडरपास का पिछले तीन माह से निर्माण शुरू हो गया था। बाईपास से लेकर बाईपास तक मिट्टी की खुदाई करके सरिया का जाल बिछाकर लिंटर डालने का कार्य चल रहा है। दूसरी ओर रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास निर्माण लिए दो बॉक्स तैयार किए जा रहे हैं। अंडरपास के ठेकेदार रविंद्र सिंह ने बताया कि भैंसवाल अंडरपास का निर्माण जल्द ही डेढ़ माह में बनकर तैयार हो जाएगा। जून माह में भैंसवाल अंडरपास चालू हो जाएगा।
अंडरपास बनने से 12 किमी की लंबाई होगी कम-
शामली। जिला पंचायत सदस्य उमेश कुमार पंवार का कहना है कि भैंसवाल अंडरपास बनकर तैयार हो जाने के बाद जिला मुख्यालय से थानाभवन, जलालाबाद और सहारनपुर आने जाने की सुविधा होगी। भैंसवाल से सहारनपुर-थानाभवन, जलालाबाद जाने के लिए आम नागरिकों को शामली आकर धीमानपुरा रेलवे फाटक से होकर जाना पड़ता था। भैंसवाल बाईपास का अंडरपास का निर्माण होने के बाद भैंसवाल से आम नागरिकों को शामली नहीं आना पड़ेगा। अंडरपास बनने के बाद बारह किमी लंबाई कम हो जाएगी। सिर्फ 3.5 किमी की दूरी में जिला मुख्यालय से दिल्ली- शामली, सहारनपुर हाईवे पर पहुंच जाएंगे।