कांवड़ मेला खत्म होने के बाद फिर से पटरी पर लौटी यातायात व्यवस्था
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान 11 दिनों तक प्रभावित रहा रोडवेज बसों का संचालन सामान्य हो गया है। मंगलवार मध्य रात्रि में बसें भैसाली डिपो पर स्थानांतरित होनी शुरू हो गई। बसें अपने पुराने मार्ग से चलने लगी जिससे यात्रियों को काफी राहत मिली है।
जिला प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान भैसाली बस अड्डे से बसों का संचालन बंद कर दिया था। एक अगस्त से भैसाली डिपो और मेरठ डिपो की बसों को सोहराबगेट डिपो से संचालित किया जा रहा था। कई बसों का रुट बदलकर दूसरे और लंबे रास्तों से निकाला गया। इस वजह से यात्री काफी परेशान रहे। किराया भी अधिक देना पड़ा था। मंगलवार को शिवरात्रि का जलाभिषेक होने के बाद रात को रोडवेज ने पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी है। सोहराबगेट डिपो से बसों को मध्यरात्रि तक स्थानातिरित करके भैसाली और मेरठ डिपो बस अड्डा संचालित कर दिया।
भैसाली अड्डा से मिलेंगी यहां की बसें
भैसाली बस अड्डा से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा शामली, बागपत, बड़ौत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर की बसें चलतीं हैं। उत्तराखंड समेत समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के लिए बसों का यहां से संचालन होता है। कांवड़ में बस अड्डे के बंद रहने के कारण यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सोहराबगेट से बसें पकड़नी पड़ रही थीं।
कांवड़ मेला खत्म होने पर सड़कों पर स्थिति सामान्य हो गई। जिसके बाद ही बसों का संचालन भैसाली अड्डे से शुरू किया गया है। 12 अगस्त की शाम तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। सोहराबगेट डिपो से चलने वाली बसें भी अपने पुराने मार्गों पर चलनी शुरू हो गई हैं। - दीपक चौधरी, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम