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बेटी की अस्मत बचाने को मां ने ली जान, चाचा ने लगाया ठिकाने

Tue, 24 Jan 2017 09:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सहारनपुर/बड़गांव

सार

सिरसली कला के युवक अंकुश हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा युवती की आरोपी मां और चाचा गिरफ्तार, तमंचा-कारतूस भी बरामद
 
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हिरासत में आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सिरसली कला गांव में दो दिन पहले हुए अंकुश हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बेटी की अस्मत बचाने के लिए उसकी मां ने अपने देवर संग मिल कर अंकुश की हत्या करके उसके शव को आत्महत्या दर्शाने के लिए फांसी के फंदे पर टांग दिया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने आरोपियों से तमंचा और दो कारतूस भी बरामद करने का दावा किया है। बता दें कि सात दिन तक घर से लापता गांव सिरसली कला निवासी 22 वर्षीय अंकुश पुत्र श्रीपाल का शव रविवार को गांव के पास स्थित इमरान उर्फ माना पुत्र जमील अहमद निवासी सिरसली खुर्द के आम के बाग में पेड़ से लटका मिला था। अंकुश के पिता ने अपने एक पड़ोसी अशोक मिस्त्री पुत्र भरतू पर अपने बेटे की हत्या करने का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर पुलिस को दी थी। एसओ छोटे सिंह ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को उसी समय रामपुर मनिहारान से हिरासत में ले लिया और पूछताछ की तो वह पूरी तरह से टूट गया। उसने बताया कि उसके बड़े भाई हरपाल की बेटी पर अंकुश बुरी नजर रखता था। आए दिन शराब के नशे में वह मोहल्ले या फिर घर पर आ जाता और युवती से छेड़छाड़ पर उतारू हो जाता था। इससे उनका परिवार बेहद बेइज्जती महसूस कर रहा था। कई बार अंकुश को ऐसा करने से मना किया लेकिन वह हर बार मानने के बजाए मारपीट पर आ जाता। 21 जनवरी की शाम सात बजे अंकुश शराब के नशे में फिर उनके घर आया और उनकी लड़की से छेड़छाड़ करने लगा। लड़की के शोर मचाने पर लड़की की मां सत्यवती ने उसे दबोच लिया और कस कर गला दबा दिया जिससे वह मरणासन्न हो गया। इसके बाद सत्यवती ने मकान के बाहर घेर में सो रहे अपने देवर अशोक को बुलाया। दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की नीयत से रात में उसे आम के बाग में पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटका दिया। ताकि मामला आत्महत्या का लगे। रात भर वह वहीं पेड़ पर लटका रहा। सुबह ग्रामीणों ने उसे देखा तो पुलिस को खबर की। बड़गांव थाना प्रभारी छोटे सिंह ने बताया कि अशोक की निशानदेही पर उसके घर से ही 315 बोर का तमंचा और एक कारतूस भी बरामद हुआ है। हत्यारोपी देवर-भाभी को पुलिस ने हत्या करने और शव छुपाने के आरोप में जेल भेज दिया है। सीओ देवबंद नरेंद्र सिंह राणा ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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दम निकलने तक दबाए रखा गला

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​बेटी की अस्मत बचाने के लिए मां ने शराब के नशे में हैवान बने अंकुश को अकेले ही दबोच लिया और फिर जमीन पर गिरा कर उसकी छाती पर सवार हो गई और तब तक उसका गला दबाती रही जब तक उसका दम नहीं निकल गया। इसके बाद उसने पास ही बरामदे में सो रहे अपने देवर को जगाया और उसकी मदद से अंकुश के दोनों हाथों को उसके जूतों के फीते से उसके हाथों को बांध दिया। दोनों रात के अंधेरे में किसी तरह उसके शव को घसीट तक बाग तक ले गए और वहां पेड़ पर उसे फांसी के फंदे से लटका दिया। ताकि ग्रामीणों को लगे कि अंकुश ने आत्महत्या कर ली है। हवालात में बंद हत्यारोपी सत्यवती का कहना था कि अंकुश ने उनका जीना हराम कर रखा था। आए दिन वह शराब के नशे में उनके घर आ धमकता और उनकी बेटी से छेड़छाड़ पर अमादा हो जाता। गली मुहल्ले में भी यदि उनकी बेटी उसे दिखाई दे जाती तो वह वहां भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आता। उसकी हरकतों की वजह से बेटी का घर से बाहर निकलता तक दुश्वार हो गया था। बेटी की इज्जत की खातिर उनके पास कोई चारा नहीं बचा था। उधर, अंकुश के पिता श्रीपाल का कहना है कि दो दिन पहले आरोपी अशोक ने उसके बेटे पर ट्रैक्टर का बैट्री चोरी करने का झूठा इल्जाम लगाया था। इसके एवज में उन्होंने छह हजार रुपये भी बतौर दंड के रूप में उसके बेटे से वसूल किए गए थे। उन्हें नहीं पता था कि रुपये ही नहीं उनका बेटा भी ये लोग निगल लेंगे।
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